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एमयू में मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई जल्द, वीसी ने रखा आधारशिला

हिन्दुस्तान टीम,गयाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 09:00 PM
एमयू में मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई जल्द, वीसी ने रखा आधारशिला

एमयू में मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई जल्द, वीसी ने रखा आधारशिला,

बोधगया। निज संवाददाता

मगध यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग में जल्द ही मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स शुरू कराई जाएगी। ऑर्डिनेंस रेग्यूलेशन के लिए राजभवन भेजा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाने के बाद उम्मीद है अगले सेशन से कोर्स शुरू करा दी जाएगी। इस कड़ी में गुरुवार को वीसी प्रो राजेन्द्र प्रसाद ने फिजियोथेरेपी विभाग में फिजियोथेरेपी के स्नातकोत्तर प्रभाग का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कुलपति ने स्नातकोत्तर कोर्स को शुरू करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इस क्रम में वीसी ने सभी शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि विभाग को आगे ले जाने के लिए हर तरह से सहयोग किया जाएगा। रिसर्च पर ज्यादा ध्यान देने की बात वीसी ने कही। इस अवसर पर विभाग के निदेशक डॉ ए एन तेतरवे ने बताया कि हमलोग डिपार्टमेंट में जल्द से जल्द पीजी की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर पर विभाग में सेरीब्रल पाल्सी यूनिट का भी उद्घाटन किया गया। यह सीपी यूनिट विशेष रूप से पूरे गया जिला में एकमात्र ऐसा यूनिट है। जिससे बच्चों की बेहतर इलाज हो सकेगी। आस्था चैरिटेबल के सेक्रेटरी डॉ उमाशंकर सिन्हा ने विभाग को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं कुछ चिकित्सीय उपकरण देने का आश्वासन भी दिया है। इसके लिए वीसी ने उनके प्रति आभार प्रकट किया। इस इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो बी एन सिंह, शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो सुशील कुमार सिंह , सीसीडीसी, प्रो एसएनपी यादव (डीन),प्रो जयनंदन शर्मा, वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो जे एन शर्मा, मुख्य अभियंता निरंजन कुमार, एसएम हक विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ रोहित सिन्हा, डॉ आनंद प्रियदर्शी, डॉ पूर्णिमा कुमारी के अलावा विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित थे।

फिलहाल बीपीटी की हो रही पढ़ाई

फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए मुख्य रूप से दो कोर्सेस बीपीटी, बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी और एमपीटी, मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी होते हैं। साढ़े चार साल होता है। एमपीटी (पीजी कोर्स) दो साल का कोर्स होता है। इसमें छात्र समकक्ष विषय से विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसमें न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, ऑथ्रोपेडिक फिजियोथेरेपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरेपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरेपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरेपी में स्पेशलाइजेशन भी किया जा सकता है। मगध यूनिवर्सिटी में फिलहाल बीपीटी की पढ़ाई कराई जा रही है। एमपीटी की पढ़ाई शुरू होते ही इस विभाग का दायरा बढ़ जाएगा। विज्ञान के इस क्षेत्र में छात्रों का करियर का संभावनाए अधिक है। विभाग की ओपीडी चलती है। पढ़ाई के साथ यहां के शिक्षक और छात्र सोशल वर्क भी करते है। ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज की इलाज होती है। बस इसे प्रमोट करने की जरूरत है। इसके बाद एमयू का इस विभाग की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हो सकती है।

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