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मगध यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी कोर्स की पढ़ाई जल्द

मगध यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपी विभाग में जल्द ही मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स शुरू कराई जाएगी। सीनेट और सिंडिकेट से स्वीकृति मिलने के बाद ऑर्डिनेंस रेग्यूलेशन के लिए राजभवन भेज दिया गया है। अगले सत्र से इसकी पढ़ाई तय माना जा रहा है। विभाग के निदेशक डॉ बीपी नलिन ने बताया कि फिजियोथेरेपिस्ट बनने के लिए मुख्य रूप से दो कोर्सेज बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी (बीपीटी) और मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (एमपीटी) होते हैं। इस कोर्स के आखिरी छह महीने में छात्र को किसी हॉस्पिटल से इंटर्नशिप करवाई जाती है। बीपीटी कोर्स सामान्यत: साढ़े चार साल होता है। एमपीटी दो साल का कोर्स होता है। इसमें छात्र समकक्ष विषय से विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं। इसमें न्यूरोलॉजिकल फिजियोथेरेपी, पिडियाट्रिक फिजियोथेरेपी, स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी, ऑब्सेक्ट्रिक्स फिजियोथेरेपी, पोस्ट ऑप्रेटिव फिजियोथेरेपी, कार्डियोवास्कुलर फिजियोथेरेपी में स्पेशलाइजेशन भी किया जा सकता है। यहां फिलहाल बीपीटी की पढ़ाई कराई जा रही है। एमपीटी की पढ़ाई शुरू होते ही इस विभाग का दायरा बढ़ जाएगा। तत्कालीन वीसी बीएन पांडेय के समय विभाग में ऑल इंडिया विज्ञापन निकालकर शिक्षकों की बहाली की गई। लेकिन 11 साल बाद भी शिक्षकों का पद सृजन नहीं किया गया है। 50 रुपये में 12 दिनों तक होता है इलाजमगध विवि में 2007 में स्व वित्त पोषित विभाग के रूप में बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कराई जा रही है। इस विभाग में ओपीडी चलता है। पढ़ाई के साथ यहां के शिक्षक और छात्र सोशल वर्क भी करते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 60 मरीजों का इलाज होता है। ओपीडी गया, नवादा, औरंगाबाद आदि जिले के अलावा डोभी, शेरघाटी व आसपास इलाके के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां 50 रुपए में 12 दिनों तक मरीजों की थेरेपी की जाती है।

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  • Web Title:Magadha University will be of Master of Physiotherapy Course from next session