मविवि में गणित शिक्षा के पुरोधा को शताब्दी वर्ष पर किया गया याद
मगध विश्वविद्यालय में पूर्व अध्यक्ष डॉ. शालिग्राम सिंह की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर एक भव्य कार्यशाला-सह-स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अध्यक्षता की। मुख्य वक्ता डॉ. बालेन्दु भूषण उपाध्याय ने उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ. सिंह की सुपुत्री प्रो. निभा सिंह ने उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया।

मगध विश्वविद्यालय में मंगलवार को पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय डॉ. शालिग्राम सिंह की जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य कार्यशाला-सह-स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने किया। जबकि आईआईटी पटना के गणित विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. बालेन्दु भूषण उपाध्याय ने मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान दिया। उन्होंने गणित शिक्षा, शोध और अकादमिक नेतृत्व में डॉ. सिंह के योगदान को ऐतिहासिक बताया। कार्यक्रम में डॉ. सिंह की सुपुत्री एवं मानविकी संकाय अध्यक्ष प्रो. निभा सिंह ने उनके जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सहरसा से पटना विश्वविद्यालय तक स्वर्ण पदक विजेता रहे।
फुलब्राइट छात्रवृत्ति प्राप्त की और अमेरिका के विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय में अध्यापन किया। उन्होंने हिंदी में गणित की पुस्तकों के अनुवाद एवं लेखन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिसके लिए उन्हें बिहार राष्ट्रभाषा परिषद व राज्य भाषा विभाग से सम्मान मिला। कुलपति प्रो. शाही ने छात्रों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील सुमन, संचालन डॉ. अमर किशोर और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पिंटू सामंत ने किया। आयोजन सचिव डॉ. कुमार विशाल व डॉ. सामंत रहे। जापान के टोक्यो से उनके नाती अमिताभ सिंह तथा कई पूर्व शिष्यों ने ऑनलाइन अपने भावपूर्ण उद्गार व्यक्त किया।

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