
केवीके आमस के वैज्ञानिक व कर्मी एक दिवसीय हड़ताल पर
सोमवार को आमस कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों और कर्मियों ने एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल की। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की मांगों का समर्थन किया और समान वेतन, भत्तों, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आईसीएआर के अंतर्गत आने वाले केवीके और गैर-आईसीएआर के कर्मचारियों के बीच असमानता का आरोप लगाया।
फोरम ऑफ केवीके व एआईसीएपी के आह्वान पर सोमवार को आमस कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक और कर्मी एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर रहे। इम्प्लाईज एसोसिएशन ने इस माध्यम से कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर की मांगों का समर्थन किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए केवीके कार्मिकों ने लंबे समय से लंबित वेतन समानता, वेतन और भत्तों का नियमित व समय पर भुगतान, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण जैसे सेवानिवृत्ति लाभों को अन्य सरकारी संस्थानों के समान लागू करने की मांगों को मजबूती से उठाया। कर्मियों ने बताया कि यह विरोध गैर-आईसीएआर केवीके कर्मचारियों की वर्षों पुरानी शिकायतों का परिणाम है। आरोप है कि आईसीएआर के अंतर्गत आने वाले केवीके की तुलना में वेतनमान, पदोन्नति और सेवा शर्तों में असमानता बरती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि समान कार्य करने के बावजूद गैर-आईसीएआर केवीके के कर्मचारियों के संदर्भ में विरोधाभासी पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिससे अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के प्रभावी संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सुबह से शाम तक डटे रहे कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कर्मी केवीके परिसर के सामने हड़ताल पर बैठे रहे। इस दौरान आइसीएआर की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गई। हड़ताल में डॉ. पंकज तिवारी, सुनील कुमार, प्रभात कुमार, अजीत कुमार, विरेंद्र कुमार सहित कई कर्मी शामिल रहे।

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