कृषि में नवाचार और स्थिरता के लिए युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: वीसी

कृषि में नवाचार और स्थिरता के लिए युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: वीसी

संक्षेप:

पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट में नवाचारी दृष्टिकोण विषय पर संगोष्ठी फोटो- सीयूएसबी में किसान को सम्मानित करते वीसी। टिकारी, निज संवाददाता दक्षिण बिहार के

Dec 12, 2025 08:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गया
share

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कृषि विभाग की ओर से ‘पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट में नवाचारी दृष्टिकोण’ विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान धर्मवीर कंबोज ने बताया कि कृषि क्षेत्र में औषधीय फसलों के उत्पादन के साथ-साथ फलों के विविध प्रकार के प्रसंस्करण और प्रबंधन से अनेक उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिन्हें बाजार में उचित मूल्य प्राप्त होता है। इसमें स्वास्थ्यवर्धक, मस्तिष्क-उत्तेजक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले जैम तथा अन्य पोषक उत्पाद शामिल हैं। धर्मवीर कंबोज ने कहा कि ये सभी उत्पाद रासायनिक-मुक्त फसलों और फलों से तैयार किए जा सकते हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उन्होंने यह भी बताया कि किसी एक फल से कम से कम पांच प्रकार के खाद्य, शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद बनाए जा सकते हैं। सभागार में वीडियो स्क्रीनिंग के माध्यम से धर्मवीर कंबोज ने छात्रों को बाजरे की लस्सी, ताड़ के फल से केक व विभिन्न मिठाइयां, तथा अनेक अन्य खाद्य पदार्थ बनाने की विधियां दिखाईं। रोजगार के सृजनकर्ता बने: वीसी कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने उद्यमिता पर चर्चा करते हुए छात्रों से रोजगार के सृजनकर्ता बनने की अपील करते हुए उन्होंने छात्रों को नवाचार की ओर प्रेरित किया। प्रो. सिंह ने कहा कि ऋषि और कृषि इस देश की प्राथमिकता रही है, वर्तमान परिदृश्य में हमें कृषि में अधिक शोध करने की आवश्यकता है। कुलपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि कृषि में नवाचार और स्थिरता के लिए युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और इस दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि ''आइए, हम पारंपरिक घरेलू उपचारों को फिर से सीखें और आत्मनिर्भर बनें। इस दौरान प्रो. राम आशीष यादव, डॉ. हेमंत कुमार सिंह, डॉ. प्रणव त्रिपाठी, प्रो. प्रभात कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह एवं अनुप कुमार सहित विभाग के छात्र उपस्थित थे।