
भारत विश्व नेतृत्व की नई दिशा तय कर रहा है : डॉ. दीपक
- नेतृत्व अब केवल पद नहीं, एक जिम्मेदारी और विरासत का प्रतीक है • -आईआईएम
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया में शनिवार को वार्षिक प्रमुख नेतृत्व शिखर सम्मेलन ‘नेतृत्व 3.0’ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के पूर्व राजदूत डॉ. दीपक वोहरा ने कहा कि यह सिर्फ भारत का दशक नहीं, भारत की सदी भी है। भारत आज वैश्विक मंच पर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और आशावाद के साथ उभर रहा है। हम भारतीय इसलिए नहीं हैं क्योंकि हम भारत में रहते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि भारत हम सबके भीतर है। आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनिता एस सहाय ने उद्घाटन भाषण में कहा कि नेतृत्व केवल पद या अधिकार का प्रतीक नहीं है। यह वह विरासत है जिसे व्यक्ति अपने कर्मों से रचता है।

उन्होंने कहा कि सच्चा नेतृत्व वह कहानी है जो दूसरों को प्रेरित करती है। मीडिया और पीआर समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय कौशल ने बताया कि यह मंच विचार-विमर्श के माध्यम से नेतृत्व के नए आयामों की खोज का प्रयास है। पहली पैनल चर्चा ‘द फ्लूइड फ्रंटियर: एक बदलती दुनिया में नेतृत्व की नई सोच- पर केंद्रित रही। इसमें अमिताभ रे (भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स), सचिंद्र कुमार राय और सीमा पाठक ने नेतृत्व की बदलती अवधारणा पर विचार साझा किया। दूसरा सत्र ‘द एल्केमी ऑफ लीडरशिप: संस्कृति और क्षमता का निर्माण’ में राजीव यादव, डॉ. स्वर्णप्रीत सिंह, हरप्रीया और ऋषव देव ने कहा कि प्रभावी नेतृत्व दृष्टि, मूल्य और कौशल का संतुलन है। नेतृत्व 3.0 यह साबित करता है कि आईआईएम बोधगया नेतृत्व के क्षेत्र में विचार, संवाद और प्रेरणा का सशक्त मंच बन हुआ है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




