सोना छीनने वाले जीआरपी के चार सिपाहियों की नहीं हुई गिरफ्तारी
सोना छीनने वाले जीआरपी के चार सिपाहियों की नहीं हुई गिरफ्तारी -नामजद होने के

हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर के दौरान एक कोरियर यात्री के पास रहे करीब एक किलो सोना छीनने के मामले में गया जीआरपी के नामजद चार सिपाही पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इन सिपाहियों सहित नामजद दो सिविलियनों को तीन दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। हालांकि पटना मुख्यालय रेल पुलिस की टीम नामजद सिपाहियों के घर पर दबिश बढ़ा दी है। लेकिन, सभी फरार बताए जा रहे हैं। रेल पुलिस के वरीय अधिकारी का दावा है कि जल्द सभी नामजद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीम अपनी कार्रवाई में लगी हुई है।
इस मामले में नामजद जीआरपी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह को रेल एसपी ने अपनी तत्परता से अपने कार्यालय में मंगलवार को ही गिरफ्तार कर बुधवार को गया जेल भेजे दिया। 21 नवंबर को हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में एक किलो सोना छीनने के मामले में पीड़ित यात्री धनंजय शास्वत के फर्द ब्यान पर रेल थानाध्यक्ष इंस्पेकर राजेश कुमार सिंह सहित जीआरपी के चार सिपाहियों में करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी,रंजय कुमार व आनंद मोहन सहित दो सिविलियन मो परवेज और सीताराम कुमार को नामजद आरोपित बनाया गया है। गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम गठित रेल सूत्रों ने बताया कि 21 नवंबर को गया जंक्शन पर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में करीब एक करोड़ 44 लाख रुपये मूल्य के एक किलो सोने की बिस्कुट छीनने और उसका गबन के मामले में शामिल जीआरपी के चार जवानों में सहित दो सिविलियन की गिरफ्तारी के लिए पटना रेल पुलिस मुख्यालय से स्पेशल टीम का गठन किया गया है। हर हाल में इन सभी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। सोना छीनने के मामले की जांच के लिए तीन डीएसपी की एसआईटी टीम बनाई गई है। इसकी मॉनिटरिंग रेल एसपी कर रहे हैं। रेल थाने के कार्यकलापों की होगी जांच सोना छीनने के मामले को लेकर डीजी विनय कुमार काफी गंभीर हैं। कार्रवाई करने के सख्त निर्देश के आलोक में एडीजी रेल, आईजी रेल और एसपी रेल कार्रवाई में काफी तेजी से जुट गए हैं। साथ ही रेल थाने के कार्यकलापों की जांच की जाएगी। रेल सूत्रों ने बताया कि रेल थानाध्यक्ष का स्पेशल टीम में शामिल अन्य जवानों के बारे में तहकीकात की जाएगी। साथ ही स्टेशन पर ड्यूटी के लिए तैनात जवानों के परफेक्ट ड्यूटी को लेकर मोबाइल टावर लोकेशन की भी समीक्षा की जाएगी। पहले एफआईआर के आईओ से रेल डीआईजी ने की पूछताछ रेल सूत्रों ने बताया कि 21 नवंबर को सोने की छिनतई मामले में गया जीआरपी थाना द्वारा अज्ञात अपराधियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले का अनुसंधानकर्ता अमरेंद्र प्रसाद से पटना रेल मुख्यालय में रेल डीआईजी ने पूछताछ की। साथ ही इस मामला को इतने दिनों तक पेंडिंग क्यों रखा गया, जवाब तलब किया।

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