
पितृपक्ष मेला: गया जी में जाम से राहत दिलाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
-गया जी शहर में नासूर बनी है जाम की समस्या, हर दिन लोग हो रहे
पितृपक्ष मेला शुरू होने में महज सात दिन शेष हैं। 6 सितंबर से गया जी मे विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष समागम-2025 शुरू हो जाएगा। जो 21 सितंबर तक जारी रहेगा। मेले में देश-विदेश के 15 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री अपने पूर्वजों के मोक्ष की कामना लेकर पिंडदान करने आएंगे। ऐसे में लाखों की भीड़ के सामने गया जी शहर को जाम से राहत दिलाना पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी। गया जी में जाम की समस्या लोगों के लिए आम दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। सामान्य दिनों में ही आम लोग हर दिन घंटों जाम का सामना करने पर मजबूर हैं।

घंटों सड़क पर फंसे रहने से बच्चों के स्कूल बस लेट हो हैं, दफ्तर जाने वाले लोग समय पर नहीं पहुंच पा रहे और मरीजों को अस्पताल तक ले जाना भी कठिन हो रहा है। शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। 10 मिनट का रास्ता तय करने में एक घंटे लग रहे हैं। ऐसे में जब लाखों की भीड़ जुटेगी तो जैम की समस्या क्या होगी, इसको लेकर सभी लोग चिंतित हैं। विष्णुपद मंदिर क्षेत्र, चांदचौरा, बाइपास, कोयरीबारी और स्टेशन रोड पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। पितृपक्ष मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, ऐसे में सड़क पर वाहनों और ई-रिक्शा की संख्या अचानक बढ़ जाने से राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ई-रिक्शा और ठेले-खोमचे वालों की अव्यवस्थित आवाजाही जाम का सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। नासूर बनी है ई रिक्शा शहर में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या से जाम की समस्या नासूर बन गई है। ई रिक्शा चालकों की मनमानी और बेतरतीव ढंग चलने की वजह से जाम आम बन गई है। बीच रोड पर ई रिक्शा लगाकर सवारी का इंतजार करने से हर घंटे जाम लग रही है। जिससे आमजनों को परेशानी होती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पितृपक्ष मेला की भीड़ को देखते हुए यातायात बेहतर करने की कोशिश चल रही है। साथ ही मेला क्षेत्र में अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को कुछ राहत मिल सके।

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