
महाबोधि मंदिर में दस दिवसीय चतुर्थ मैत्री प्राणिधान पूजा शुरू
‘चतुर्थ मैत्री प्राणिधान पूजा’ का शुभारंभ महाबोधि मंदिर में हुआ। यह पूजा 10 दिनों तक चलेगी और लद्दाख के बौद्ध विद्वान गेशे तस्वंग दोरजी रिंपोछे द्वारा की जा रही है। इसमें करीब ढाई हजार श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। यह पूजा विश्व शांति और करुणा का संदेश देती है।
विश्व शांति की कामना को समर्पित ‘चतुर्थ मैत्री प्राणिधान पूजा’ का शुभारंभ शनिवार को विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर में विधिवत रूप से किया गया। यह विशेष पूजा दस दिनों तक चलेगी। जिसकी अगुवाई लद्दाख के विख्यात बौद्ध विद्वान गेशे तस्वंग दोरजी रिंपोछे कर रहे हैं। अहले सुबह मंदिर के गर्भगृह में विशेष वैदिक परंपराओं व अनुष्ठानों के साथ पूजा प्रारंभ हुई। इसके बाद गेशे तस्वंग दोरजी रिंपोछे ने अनुष्ठान स्थल पर विशेष आसन पर विराजमान होकर धर्मपाठ की शुरुआत की। उनके दोनों ओर वरीय लामाओं के बैठने की व्यवस्था की गयी है। जहां सभी लामा सामूहिक रूप से पवित्र धर्मग्रंथों का पाठ कर विश्व शांति का आह्वान कर रहे हैं।
इस आयोजन का संचालन लद्दाख स्थित नगरी इंस्टिट्यूट ऑफ बुद्धिस्ट डायलेक्टिक्स द्वारा किया जा रहा है। पूजा में लद्दाख सहित तराई क्षेत्रों से आए करीब ढाई हजार श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं। शांत, अनुशासित और आध्यात्मिक माहौल में शुरू हुए इस पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजक कुंजांग नामग्याल ने बताया कि विश्व शांति, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह पूजा लगातार 12 जनवरी तक जारी रहेगी। बोधगया की पवित्र धरती पर हो रहा यह आध्यात्मिक अनुष्ठान वैश्विक सद्भाव का संदेश दे रहा है।

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