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अमेरिकी दूतावास के पूर्व राजनीतिक सलाहकार ने किया शहबाजपुर का दौरा

हिन्दुस्तान टीम,गयाNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 07:40 PM
अमेरिकी दूतावास के पूर्व राजनीतिक सलाहकार ने किया शहबाजपुर का दौरा

अमेरिकी दूतावास के पूर्व राजनीतिक सलाहकार ने किया शहबाजपुर का दौरा

किसान आंदोलन से जुड़ी पुस्तकें ग्रामीण रामजन्म सिंह को भेंट की

यहीं से जमींदारी उन्मूलन में मिली थी पहली सफलता

बेलागंज। एक संवाददाता

अमेरिका में पूर्व राजनयिक और बिहटा आश्रम के वरीय सदस्य कैलाश चंद्र झा ने बेलागंज के शहबाजपुर में किसान आंदोलन एवं स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े वयोवृद्ध सेनानी रामजन्म सिंह से मिलकर उन्हें सम्मानित किया। साथ ही उन्हें यदुनंदन शर्मा और किसान आंदोलन से जुड़ी पुस्तकें भेंट की। मौके पर स्वतंत्रता सेनानी सह किसान आंदोलन के साक्षी रामजन्म सिंह ने कहा कि आज मेरे लिए मेरे खुशी का मौका है। महान स्वतंत्रता सेनानी सह राष्ट्रीय किसान नेता पंडित यदुनंदन शर्मा ने 31 जनवरी 1936 को शहबाजपुर गांव से ही जमींदारी उन्मूलन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था।

ऐतिहासिक रेवड़ा आंदोलन की यह तस्वीर मुझे पुनः मेरे संस्मरण में जीवंत हो गया। इसे आज के 36 साल पहले किसी विदेशी शोधकर्ता मांग कर ले गया था। इसके बाद उसे लौटाया नहीं। इससे उन्हें मायूसी हुई थी। आज वह दुर्लभ तस्वीर पाकर खुश हूं। यह बात शहबाजपुर गांव निवासी रामजनम सिंह ने पंडित यदुनंदन शर्मा सेवा आश्रम ट्रस्ट की पहल पर यहां आये अमेरिकी दूतावास में राजनयिक सलाहकार रहे और बिहटा आश्रम के वरीय सदस्य कैलाश चन्द्र झा के समक्ष अपने आवास पर कही। इसके अलावा पंडित यदुनंदन शर्मा और शहबाजपुर में हुए किसान आंदोलन से जुड़ी पुस्तकें जिसे अमेरिका के शोधकर्ता वाल्टर हाउजर और जापानी शोधकर्ता सुओ कुआजिमा ने यहां के दौरे के बारे में लिखा है।

किसान आंदोलन,रेवाड़ा आंदोलन से जुड़े तथ्यों से संबंधित पुस्तकें उन्हें भेंट की गयी। इसमें पुरानी तस्वीर को देख कर श्री सिंह भावुक होते हुए इसके लिए सभी का आभार जताया। राजनयिक श्री झा के साथ ट्रस्ट के लोग उस ऐतिहासिक स्थल पर गए, जहां पर रेवड़ा आंदोलन की शुरुआत हुई थी। गर्भवती महिलाओं ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई थी। महिलाओं के उग्र रूप को देखकर जमींदार के सिपाहियों को पीछे हटना पड़ा।

किसानों ने जमींदार के खलिहानों पर कब्जा जमाया। यहीं से पंडित जी को जमींदारी उन्मूलन की पहली सफलता मिली। श्री सिंह के संस्मरणों कैलाश चन्द्र भावुक हो उठे। उन्होंने ने कहा कि जिस घटना को किताब में पढ़ने का अवसर मिला था, आज उस ऐतिहासिक स्थल पर आना गर्व महसूस हो रहा है। यह ऐतिहासिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। शहबाजपुर में पंडित जी की प्रतिमा और संग्रहालय बनाने के लिए-10 डिसमिल जमीन भी चिन्हित किया गया है। इसको लेकर ग्रामीणों में हर्ष देखा जा रहा है। मौके पर बिहटा आश्रम के अनीस अंकुर, पंडित यदुनंदन शर्मा सेवा आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष रविशंकर कुमार, कुणाल कुमार,कुणाल शर्मा, मोहन वर्मा,राजीव कुमार सिंह सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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