मजदूरों की कमी से धान कटाई प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता
प्रखंड क्षेत्र के किसानों की फसल बारिश से बर्बाद हो गई है। कटनी का समय आने पर मजदूरों की भारी कमी हो गई है क्योंकि अधिकांश मजदूर अन्य राज्यों में पलायन कर चुके हैं। किसान समय पर कटाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे गेहूं की बोआई में भी देरी हो सकती है। किसान प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

प्रखंड क्षेत्र के किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बारिश के कारण पहले ही धान की बड़ी मात्रा में फसल बर्बाद हो चुकी है। अब जबकि खेतों में धान पूरी तरह पककर तैयार खड़ा है, कटनी का समय आने पर मजदूरों की भारी कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। क्षेत्र के अधिकांश मजदूर रोज़गार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन कर चुके हैं। वहीं जो मजदूर गांव में हैं, वे शहरों में दिहाड़ी मजदूरी में व्यस्त हैं। शेष बचे मजदूर एक खेत की कटाई पूरी करने के बाद ही दूसरे खेत में जाने की बात कह रहे हैं, जिससे कटनी का कार्य ठप पड़ गया है।
किसान उमेश सिंह, अनिरुद्ध सिंह, शंकर सिंह और मिथलेश प्रसाद ने बताया कि खेत में धान खड़ा है, लेकिन मजदूर न मिलने से समय पर कटाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि धान की कटाई में विलंब हुआ, तो गेहूं की बोआई भी समय पर नहीं हो सकेगी, जिससे आगामी फसल चक्र पर गहरा असर पड़ेगा। किसानों के अनुसार सरकार मजदूर संकट, पलायन और फसल नुकसान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। परेशान किसान अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि समय रहते कटनी और बोआई का कार्य पूरा हो सके।
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