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23 अक्तूबर, 2020|4:04|IST

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इमामगंज से हर दिन सैंकड़ो मजदूर जा रहे दूसरे राज्यों में

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कोरोना कोविड 19 को लेकर देश में लॉक डाउन लगने के बाद घर आये मजदूरों को काम नहीं मिलने से पुनः वे सभी प्रवासी मजदूर काम के लिए प्रदेश जा रहे हैं। गुरुवार को इमामगंज प्रखण्ड के विश्रामपुर गांव के पास से चेन्नई के होटल मालिक ने एक बस भेज कर करीब एक सौ मजदूर को चेन्नई ले जाया गया। इस संबंध में चेन्नई जा रहे बढ़ीखाप गांव के प्रवासी मजदूर सुरेश कुमार, जितेंद्र कुमार, विजय कुमार ने बताया कि हम लोग चेन्नई में एक हॉटल में मिठाई बनाने का काम करते हैं। वहां पर हमलोगों को एक माह की मजदूरी 12 हजार और खाना, कपड़ा व रहने की सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन में 20 दिन पैदल चलकर घर आये थे। घर में आकर छह माह से बैठे हैं। एक दिन भी हमलोगों को कहीं पर काम नहीं मिला। घर में खाने के लिए न तो अनाज बचा है और न ही पैसा बचा है। घर में खाने के लिए भारी समस्या बनी है। मजदूरों ने बताया कि होटल मालिक के द्वारा बार-बार एक माह से कॉल आ रहा था। यहां काम के इंतजार में आठ माह गुजार दिये। ट्रेन बन्द रहने के कारण होटल मालिक ने बस भेज दिया है। मजदूरों को बाहर जाने से मतदान के प्रतिशत पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव इमामगंज प्रखण्ड से हर दिन दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, चेन्नई, सूरत की कम्पनी के मालिक के द्वारा गाड़ी भेजकर प्रवासी मजदूरों को ले जाया जा रहा है। इससे मतदान के प्रतिशत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बता दें कि इमामगंज बाजार से कुछ दूरी पर हटकर कम्पनी के द्वारा सुबह में बस लगा दिया जाता है और मजदूरों को दलाल के बुला कर लाते हैं। देर शाम बस में बैठकर ले जाते हैं।

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  • Web Title:Every day hundreds of laborers are going to other states from Imamganj