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नक्सल इलाकों में सुरक्षा बलों ने संभाली कमान, मतदाता बेखौफ होकर करेंगे मतदान

नक्सल इलाकों में सुरक्षा बलों ने संभाली कमान, मतदाता बेखौफ होकर करेंगे मतदान

संक्षेप:

-केंद्रीय बलों की 21 कंपनियां से सुरक्षा की होगी विशेष व्यवस्था -हर विधानसभा में दो

Tue, 4 Nov 2025 06:31 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गया
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बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा का किला तैयार कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने डेरा डाल दिया है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किया है। केंद्रीय बलों की 21 कंपनियां जिले में सुरक्षा की कमान सांभल रही है। केंद्रीय सुरक्षा बलों को विशेष रूप से नक्सल क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि मतदाता निर्भय होकर मतदान कर सकें। हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की तैनाती की गई है।

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नक्सल गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले इमामगंज, डुमरिया और बाराचट्टी इलाकों में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। इमामगंज और डुमरिया में पहले से ही छह कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में लगी हैं, जबकि दो अतिरिक्त कंपनियों को भेजा गया है। इन इलाकों में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है, ताकि मतदान से पहले किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षा बलों ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहा है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम लगातार चेकिंग कर रही है। हर रास्ते पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं और वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है। मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीआरपीएफ, एसएसबी और बीएमपी के जवान दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। कंट्रोल रूम से पूरी स्थिति पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से नजर रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार नक्सलियों के भय से मुक्त होकर मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे। अधिकारी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान कराना प्राथमिक लक्ष्य है। नक्सल प्रभाव वाले गांवों में विशेष गश्ती दल भेजे गए हैं और स्थानीय लोगों से भी सहयोग मांगा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस बार मतदाता बेखौफ होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।