राशन कार्ड रद्द होने से डायलिसिस के लिए तरस रहा मरीज
राशन कार्ड रद्द होने से डायलिसिस के लिए तरस रहा मरीज हर हफ्ते मौत से जंग, सिस्टम बना बोझ इलाज और भूख के बीच झूल रहा शेरघाटी का किसान शेरघाटी, निज

शेरघाटी में डायलिसिस के लिए तरसते एक मरीज के राशन कार्ड को अधिकारियों ने रद्द कर दिया है। इस वजह से रोगी को हर हफ्ते मिलने वाली डायलिसिस में रुकावटें आने लगी हैं और उसकी जान पर खतरा बन गया है। मामला शेरघाटी प्रखंड के बीटी बीघा गांव के 52 वर्षीय अरविंद कुमार सिंह का है। वह 10 साल से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। जीवन को बचाए रखने के लिए उन्हें हर सप्ताह दो से तीन बार गया जी जाकर डायलिसिस करानी पड़ती है। यह क्रम चार वर्षों से चल रहा है। लेकिन, कुछ हफ्तों में उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अधिकारियों द्वारा उनका राशन कार्ड रद्द कर दिए जाने के बाद जिला अस्पताल में मिलने वाली मुफ्त डायलिसिस सुविधा बंद हो गई है। अब उन्हें हर बार डायलिसिस के लिए करीब 1900 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं。
डायलिसिस में आने लगी रुकावटें
छोटे किसान अरविंद कुमार के लिए यह खर्च अब असहनीय हो गया है। पैसा नहीं रहने की मजबूरी में सप्ताह में तीन बार की जगह सिर्फ एक बार ही डायलिसिस कराना शुरू कर दिया है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
अरविंद बताते हैं कि इलाज के खर्च के अलावा शेरघाटी से गया तक आने-जाने में भी किराये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। ऐसे में परिवार के सामने रोजी-रोटी और इलाज के बीच कठिन चुनाव की स्थिति बन गई है।
कोट
राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया उच्च स्तर से प्राप्त सूची के आधार पर होती है। यदि जांच में किसी पात्र व्यक्ति का कार्ड गलत तरीके से रद्द पाया जाता है, तो उसे पुनः बहाल किया जा सकता है।
-मनीष कुमार, एसडीओ, शेरघाटी।
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