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29 सितम्बर, 2020|4:11|IST

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इलाज के पैसे जुटाने में नाकाम दम्पत्ति को अनुमंडलीय अस्पताल का सहारा

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इलाज के पैसे खत्म हो जाने पर गया के प्राइवेट अस्पताल से बेहोश बच्चे को लेकर दलित दम्पत्ति अपने घर शेरघाटी के गोपालपुर लौट आया है। चार दिनों से यह बच्चा गहरी बेहोशी में है। इधर बेबस परिवार को शेरघाटी के अनुमंडलीय अस्पताल ने सहारा दिया है। गोपालपुर के दलित टोले के संजय मांझी के आठ साल के पुत्र कुंदन को गत 27 अगस्त को जीटी रोड पर हुए हादसे में घायल होने के बाद गंभीर स्थिति में गया ले जाया गया था। गया के जेपीएन अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद उसे किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह परिजनों को दी गई थी। परिजन उसे गया शहर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। मरीज के पहुंचते ही प्राइवेट अस्पताल वालों ने उसके पास मौजूद कुल 2800 रुपये ले लिए। पुन: पचास हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने की बात कहने पर बच्चे के माता-पिता बेहोश बच्चे को लेकर अपने घर लौट आए। इधर बच्चे की बेहोशी और उसके परिजनों की लाचारी सामने आने पर स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा.राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बच्चे को बुलवाकर अस्पताल में भर्ती करवाया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल से कुछ दवाएं मिली हैं, मगर बच्चे की बेहोशी खत्म नहीं हुई है।

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  • Web Title:Couple failed to raise money for treatment resort to sub-divisional hospital