DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  गया  ›  मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर काउंसलिंग सत्र का आयोजन

गयामानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर काउंसलिंग सत्र का आयोजन

हिन्दुस्तान टीम,गयाPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 05:40 PM
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव पर काउंसलिंग सत्र का आयोजन

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में मंगलवार को प्रमोटिंग स्टूडेंट्स फिजिकल एंड मेन्टल वेल-बीइंग एमिड कोविड - 19 पेंडेमिक विषय पर ऑनलाइन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। शिक्षक-शिक्षा विभाग की निर्देशन एवं परामर्श समिति की समन्वयक और सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रज्ञा गुप्ता की देखरेख में आयोजित काउंसलिंग सत्र में प्राध्यापकों, विद्यार्थियों और मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक नारायण भी जुड़े।

कार्यक्रम की समन्वयक एवं समिति के सदस्यों डॉ. मितांजलि साहू एवं डॉक्टर तरुण कुमार त्यागी के द्वारा विद्यार्थियों के प्रश्नों एवं समस्याओं का संकलन किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए चार सदस्यों की टीम बनाई गई। जिसमें सीयूएसबी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. विवेक नारायण, मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नरसिंह कुमार, शारीरिक शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पिंटू लाल मंडल (योग विशेषज्ञ) एवं शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता प्रोफेसर कौशल किशोर शामिल थे। इस सत्र में विद्यार्थियों की शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे परीक्षाओं एवं भविष्य को लेकर तनाव, पढ़ाई में अवधान की कमी, स्मृति संबंधी समस्याएं अवसाद एवं अलगाव संबंधी भावना आदि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संभावित समाधान के लिए चर्चा कर विद्यार्थियों को समाधान दिए गए।

कोविड-19 के दुष्प्रभाव से निजात के बताये गुर

शिक्षा पीठ के अधिष्ठाता प्रो. कौशल किशोर ने कहा कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं भविष्य दोनों को ध्यान में रखते हुए ही आगामी निर्णय लिए जाएंगे। डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विश्वविद्यालय ने जाने के कारण न जाने के कारण हमारी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो गई है। हमें अपने कार्य के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित करके कार्य पूरा करने की आदत डालनी होगी, नहीं तो काम न होने के कारण भी तनाव और बढ़ जाएगा। डॉ. नरसिंह ने कहा, जो विद्यार्थी अवसाद एवं अलगाव की समस्या से ग्रसित हैं वह अपने दोस्तों एवं करीबी रिश्तेदारों से बात करें। जिसे मनोविज्ञान की भाषा में ‘सोशल सपोर्ट सीकिंग कहा जाता है। डॉ. विवेक नारायण ने अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं जैसे माइग्रेन, दृष्टि संबंधी विकार, नींद न आना, कोविड-19 के दुष्प्रभाव आदि समस्याओं पर सुझाव दिए। डॉ. पिंटू लाल मंडल ने बताया कि किस प्रकार प्राणायाम आसन एवं ध्यान द्वारा इन समस्याओं को दूर कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रविकांत, सह प्राध्यापक शिक्षा विभाग ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सेशन में शिक्षा विभाग के डॉ. मुजम्मिल हसन, डॉ. मनीष कुमार गौतम आदि मौजूद थे।

संबंधित खबरें