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बच्चों में बढ रहे एचएफएमडी संक्रमण के मामले

इन दिनों अस्पतालों में कॉक्सैकी वायरस से होने वाले एचएफएमडी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। गया में भी इस रोग से ग्रसित बच्चे मिल रहे है। बोधि...

बच्चों में बढ रहे एचएफएमडी संक्रमण के मामले
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,गयाFri, 30 Sep 2022 09:30 PM
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इन दिनों अस्पतालों में कॉक्सैकी वायरस से होने वाले एचएफएमडी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। गया में भी इस रोग से ग्रसित बच्चे मिल रहे है। बोधि हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि पहले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में इसके मामले सामने आते थे। अब बड़े बच्चों में भी असर देखने को मिल रहा है। यह एक संक्रामक रोग है, पर कोई नई व गंभीर बीमारी नहीं है। इसे कई लोग चिकेनपॉक्स समझ रहे हैं।

बुखार के साथ हाथ पैर व मुंह में हो जाते है छाले

उन्होंने बताया कि एचएफएमडी यानी हेड, फुट, माउथ डिजीज एचएफएमडी के संक्रमण के कारण इन दिनों अस्पतालों में बच्चों में बुखार के साथ हाथ, पैर व मुंह में छाले के मामले सामने आ रहे हैं। एचएफएमडी एक संक्रामक रोग है। बच्चों को 100 से 102 डिग्री तक बुखार रह सकता है। ज्यादातर मामलों में हफ्ते भर में आराम आ जाता है।

लार, छींकने व खांसने से फैलता है संक्रमण

डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि एचएफएमडी कॉक्ससैकी वायरस ए 16 के कारण होने वाली समस्या है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर में मौजूद तरल पदार्थ में हो सकते हैं। जैसे लार, नाक, बलगम, मल आदि। संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने से निकले तत्वों के संपर्क में आने या छूने से यह दूसरों को भी हो जाता है।

क्या करें

घबराये नहीं। बच्चे के बुखार व दूसरे लक्षणों पर नजर रखें। तरल चीजें दें वेल व मसालेदार चीजें न खाने दें। बच्चों के बर्तन व कपड़ों को साफ रखें। संक्रमित बच्चे के खिलौनों, बर्तन व ब्रश आदि को दूसरे बच्चों से शेयर न करें। छोटे बच्चों के हाथों को साफ रखें। दानों पर साबुन का प्रयोग न करें।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।
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