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बोधगया में राजद की हैट्रिक पर लोजपा (आर) की बैटिंग से मुकाबला रोमांचक

बोधगया में राजद की हैट्रिक पर लोजपा (आर) की बैटिंग से मुकाबला रोमांचक

संक्षेप: फोटो -जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को बनाया है रोचक -राजद गढ़

Wed, 5 Nov 2025 06:08 PMNewswrap हिन्दुस्तान, गया
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फतेहपुर। बोधगया में राजद की हैट्रिक पर लोजपा (आर) की बैटिंग से मुकाबला रोमांचक हो गया है। बोधगया विधानसभा सीट पर इस बार की लड़ाई काफी दिलचस्प हो गई है। यहां इस बार राजद और लोजपा (आर) में कांटे की टक्कर है। एक तरफ राजद अपना गढ़ बचाने व हैट्रिक लगाने की कोशिश में है तो दूसरी तरफ लोजपा (आर) अपनी जीत पक्का करने का हर एक प्रयास में लगा है। वह राजद के हैट्रिक पर ब्रेक लगाने चुनावी मैदान में उतरा है और वह हर एक प्रयास में जुटा है। हम से बगावत कर नंदलाल मांझी के निर्दलीय और लक्ष्मण मांझी के जन सुराज से चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

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बोधगया सीट लगातार दो चुनावों से राजद का रहा है गढ़ बोधगया सीट से एनडीए समर्थित लोजपा (आर) से पूर्व विधायक डॉ. श्यामदेव पासवान चुनाव में है। इनका मुकाबला महागठबंधन से राजद के उम्मीदवार व वर्तमान विधायक कुमार सर्वजीत से है। यह सीट लगातार दो चुनावों से राजद का गढ़ रहा है। बोधगया सीट 2008 के परिसीमन के बाद दुबारा अस्तित्व आई और फतेहपुर विधानसभा का अस्तित्व मिट गया। बोधगया सीट पर 2010 में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डॉ. श्यामदेव पासवान ने जीत हासिल की थी। उन्हें 54160 वोट मिले थे। उस समय लोजपा से उम्मीदवार रहे कुमार सर्वजीत को 42947 वोट मिले थे और वह 11213 वोट से चुनाव हार गए थे। 2015 के चुनाव में कुमार सर्वजीत राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय जदयू महागठबंधन का हिस्सा था। इसलिए राजद के उम्मीदवार कुमार सर्वजीत ने भाजपा के डॉ श्यामदेव पासवान को हरा कर उनसे यह सीट छीन ली थी। उस समय 30473 वोट से भाजपा उम्मीदवार को हार मिली थी। 2020 में डॉ. श्यामदेव पासवान का भाजपा से टिकट कट गया और हरि मांझी को बोधगया से टिकट मिला। इस बार भी राजद के कुमार सर्वजीत भाजपा के हरि मांझी को 4708 वोट से पराजित कर यह सीट बरकरार रखी। इस बार के चुनाव में पूर्व विधायक डॉ श्यामदेव पासवान एक फिर से एनडीए गठबंधन में लोजपा (आर) के टिकट से चुनाव मैदान में राजद के कुमार सर्वजीत को हैट्रिक पर ब्रेक लगाने के लिए उतरे हैं। श्यामदेव के चुनाव मैदान में आने से बोधगया में इस बार की लड़ाई काफी दिलचस्प हो गई है। जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को बनाया है रोचक हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे नंदलाल मांझी ने पार्टी से बगावत कर बोधगया से निर्दलीय चुनाव में ताल ठोक रहे हैं। हालांकि पार्टी ने उन्हें पार्टी से निष्काशित कर दिया है। पार्टी के संस्थापक केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फतेहपुर के चुनावी सभा में जनता से एनडीए समर्थित लोजपा (आर) के उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने की अपील की है। वहीं हम पार्टी से निष्काशित लक्ष्मण मांझी भी जन सुराज पार्टी के टिकट से चुनाव मैदान में डटे हैं। इससे यहां चुनावी लड़ाई और भी काफी दिलचस्प हो गई है। जन सुराज और निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है। बोधगया में हमेशा से रहा है जातिगत समीकरण एक बड़ा फैक्टर बोधगया विधानसभा (अजा) सीट गया जी जिले में आती है जो भगवान विष्णु के नगरी और भगवान बुद्ध के ज्ञान स्थली का हिस्सा है। इस विधानसभा क्षेत्र में फतेहपुर प्रखंड की 18 पंचायत व एक नगर पंचायत, टनकुप्पा प्रखंड के 10 पंचायत और बोधगया प्रखंड की सात पंचायत शामिल हैं। बोधगया की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। यहां मुख्य रूप से धान और गेहूं की बड़े पैमाने पर खेती होती है। इसके अलावा दलहन की भी खेती की जाती है। यहां से बिहार की राजधानी पटना 130 किलोमीटर दूर है, जबकि गया जिला 30 से 40 किलोमीटर दूर पड़ता है। लेकिन, यहां की सबसे बड़ी और चिंताजनक बात यहां की बेरोजगारी है। इस सीट पर यादव, मुस्लिम, पासवान ये तीनों समुदाय मिलकर राजद के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय वोट बैंक तैयार करते हैं। वहीं भूमिहार, ब्राह्मण, बनियां, मांझी, पासवान ये समुदाय एनडीए के लिए वोट बैंक तैयार करते है। 11 नवम्बर को इस सीट पर चुनाव होने हैं। बोधगया में हमेशा की तरह इस बार भी जातिगत समीकरण एक बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है।