पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता: डॉ. प्रशांत
फोटो- सीयूएसबी में शैक्षणिक भ्रमण के मौके पर केंद्रीय विद्यालय के छात्र। टिकारी, निज संवाददाता दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलप

दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के ध्यय ‘कैंपस फॉर कम्युनिटी’ के अंतर्गत पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नं-एक के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय का किया शैक्षणिक भ्रमण किया। सीयूएसबी के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा, अनुशंधन नेशनल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा वित्त प्रदत्त शोध परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय विज्ञान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर- एक के कक्षा सात के विद्यार्थियों ने विभाग का शैक्षणिक भ्रमण किया। अनुशंधन नेशनल रिसर्च फाउंडेशन भारत सरकार ने पर्यावरण विज्ञान विभाग के डॉ. प्रशांत, एसोसिएट प्रोफेसर (परियोजना अन्वेषक) तथा प्रो. राजेश कुमार रंजन (सह अन्वेषक) को मलयुक्त कीचड़ के उपचार के लिए प्रकृति-आधारित संकर निर्मित आर्द्रभूमि प्रणाली का विकास करने के लिए वित्त प्रदान किया है।
डॉ. प्रशांत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों को बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश में 10 करोड़ से भी ज्यादा शौचालय का निर्माण कराया गया है, इन सेप्टिक टंकी के भरने के बाद मलयुक्त कीचड़ का निस्तार वैज्ञानिक विधि द्वारा न किया जा कर कहीं भी खुले में फेक दिया जाता है जिससे बिमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। साथ हीं जल और मृदा का प्रदुषण होता है | मलयुक्त कीचड़ को खुले में फेंकने से खुले में शौच से पुर्णतः मुक्ति नहीं मिलती है।
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