
लाभुकों को परवाना वाली भूमि पर दिलाया जाएगा कब्जा
-महादलित आयोग की टीम ने गया जी सर्किट हाउस में की समीक्षा बैठक -विभागीय
सरकार के माध्यम से गरीब और भूमिहीन महादलित और दलित परिवार के लाभुकों के बीच उपलब्ध कराई गई परवाना वाली भूमि का भौतिक सत्यापन कर भूमि पर कब्जा दिलाया जाएगा। गया जिले सहित बिहार में काफी लोग ऐसे है जिन्हें सरकार के माध्यम से रहने के लिए सरकारी जमीन का परवान दिया गया है। लेकिन, उन्हें अब तक परवाने वाली जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को विशेष निर्देश दिया गया है। बिहार राज्य महादलित आयोग के तीन सदस्यीय टीम के गया जी आगमन के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

टीम में आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ऋषि, उपाध्यक्ष अजीत कुमार चौधरी सदस्य मुकेश मांझी शामिल थे। बैठक के बाद आयोग के उपाध्यक्ष अजीत कुमार चौधरी ने हिन्दुस्तान को एक भेंट में बताया कि भूमि का परवाना बिहार राज्य में भूमि से जुड़ा एक कानूनी दस्तावेज होता है। सरकार द्वारा भूमिहीन या जरूरतमंद लोगों को खेती या घर बनाने के लिए परवाना के तहत भूमि दी गई है। परवाना महादलितों को मालिकाना हक या कब्जे का प्रमाण होता है। जमीन का परवाना दिए जाने के बावजूद भी अभी तक बहुत से महादलित व दलित परिवारों को जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है। आयोग इस पर गंभीरता से विचार करते हुए परवाना धारकों को जमीन का मालिकाना हक दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार द्वारा महादलित परिवारों के लिए कई सरकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सभी योजनाओं को धरातल को उतारने और इसका लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए आयोग कटिबंध है। कार्यों को लेकर स्थल पर जाकर भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश और योजनाओं की अधिकतम रिपोर्ट की मांग संबंधित विभाग के अधिकारी से की गई है। आयोग की टीम के साथ नगर प्रखंड की घुटिया पंचायत में महादलित टोला जाकर सरकारी योजनाओं का निरीक्षण किया गया और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई। बहुत से महादलित परिवार तकनीकी त्रुटियां के कारण वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगता पेंशन का लाभ पाने से वंचित हैं। उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना है। कैंप लगाकर त्रुटियों को दूर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही घर-घर जाकर डाटा एकत्रित कर योजनाओं के बारे में रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा गया ताकि उन्हें योजनाओं का सही समय पर लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी पेंडिंग मामलों का निष्पादन करने एससी-एसटी मामला क्यों दर्ज हो रहा है उसका कारण की जांच करने, सबसे ज्यादा मामला किस समुदाय के साथ दर्ज हो रहा है। इसके बारे में भौतिक समीक्षा करने को कहा गया है। बैठक में उपसमाहर्ता (राजस्व) परितोष कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार सहित जिले के अंचलाधिकारी, प्रखंड कल्याण अधिकारी, सीडीपीओ और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

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