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बिचड़े के अभाव में खाली रह जाएंगे 15 फीसदी खेत

बिचड़े के अभाव में इस वर्ष जिले के 15 फीसदी खेत खाली (परीत) रह जाएंगे। समय पर बारिश नहीं होने के कारण बिचड़े सूख गए।

जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा के मुताबिक जिले में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार बारिश से किसानों को राहत मिली है। रोपनी में भी तेजी आई है। देर से बिचड़े डालनेवाले किसान को इस बारिश से अधिक फायदा हुआ है।

अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से इस वर्ष जिले के एक लाख 53 हजार हेक्टेयर में बिचड़े की रोपाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बचे हुए बिचड़े के आधार पर 85 प्रतिशत यानी एक लाख 30 हजार 50 हेक्टेयर में धान की रोपाई की जा सकेगी। इधर कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य के 98 प्रतिशत खेत में ही बिचड़े डाले गए थे। बाद पानी नहीं होने के कारण उसमें भी नुकसान हो गया था।

हालांकि किसानों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा खाली जमीन में वैकल्पिक खेती करने के लिए मक्का, अरहर, सरसो आदि फसलों के लिए नि:शुल्क बीज उपलब्ध करवाने की योजना है। ये बीज केवल ऑनलाईन रजिस्टर्ड किसानों की दिये जाएंगे।

30 जुलाई तक जिले में मात्र 15 फीसदी हुई रोपनी

कृषि पदाधिकारी ने बताया कि सोमवार तक जिले में निर्धारित लक्ष्य के 15 फीसदी जमीन में धान की रोपाई हो गई है। इधर तीन चार दिनों में वर्षा का औसतन अनुपात भी बढ़ा है। विभाग के आंकड़े के मुताबिक जिले में जुलाई के लिए अनुमानित 294 एमएम औसतन वर्षा अनुपात के एवज में अब तक औसतन 261 एमएम वर्षा हो गई है।

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  • Web Title:15 percent of the fields will remain empty due to lack of irrigation 15 percent of the fields will remain empty due to lack of irrigation