गांजा, सोना और विदेशी करेंसी; गया एयरपोर्ट बना तस्करी का सेफ जोन, थाइलैंड से चल रहा नेटवर्क
नशे के साथ-साथ सोना तस्करी के लिए भी गया एयरपोर्ट तस्करों का पसंदीदा मार्ग बनता गया है। दिसंबर 2023 में म्यांमार एयरवेज की फ्लाइट से आए दो विदेशी नागरिकों को 12 किलो 600 ग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था।

गया एयरपोर्ट तेजी से अंतरराष्ट्रीय तस्करी के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरता नजर आ रहा है। बीते कुछ वर्षों में यहां हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा), सोना और विदेशी मुद्रा की लगातार बड़ी खेपें पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। खासकर थाईलैंड और म्यांमार से बिहार तक फैले नशा और सोना तस्करी नेटवर्क में गया एयरपोर्ट को ‘सेफ जोन’ के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका गहराती जा रही है।
हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। दिसंबर 2024 में गयाजी एयरपोर्ट पर करीब 8.8 करोड़ रुपये मूल्य की खेप जब्त की गई थी। इसके बाद जनवरी 2025 में 10 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड पकड़ी गई। ताजा मामला मंगलवार 2026 का है, जब 18 करोड़ रुपये की हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई। लगातार हो रही इन बरामदगियों से स्पष्ट है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के जरिए गया हवाई रूट का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
सोना तस्करी का पसंदीदा मार्ग
नशे के साथ-साथ सोना तस्करी के लिए भी गया एयरपोर्ट तस्करों का पसंदीदा मार्ग बनता गया है। दिसंबर 2023 में म्यांमार एयरवेज की फ्लाइट से आए दो विदेशी नागरिकों को 12 किलो 600 ग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले दिसंबर 2014 में थाईलैंड से सोना लेकर आ रहे एक तस्कर को पांच किलो सोने के साथ पकड़ा गया था। अन्य मामलों में 2015 में म्यांमार के एक यात्री से 600 ग्राम, फरवरी 2018 में म्यांमार की महिला पर्यटक से 581 ग्राम और फरवरी 2023 में थाईलैंड से आए युवक से डेढ़ किलो सोना बरामद किया गया। वर्ष 2020 में तो एक तस्कर निजी अंग में सोना छिपाकर ला रहा था, जिसे स्कैनिंग के दौरान पकड़ा गया।


