हर तरफ कूड़ा और बदबू से सुपौल में हाहाकार, सफाईकर्मी हड़ताल पर; पुलिस से क्यों हैं नाराज
सफाईकर्मियों का आरोप है कि रविवार देर रात पुलिस ने बिहार लोकल बॉडीज फेडरेशन के प्रदेश संगठन महामंत्री मो. असजद आलम के घर का गेट तोड़कर जबरन प्रवेश किया और कर्मियों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की।

बिहार के सुपौल में पुलिस की कथित बर्बर कार्रवाई के खिलाफ नगर परिषद के सफाईकर्मी सोमवार को उग्र तेवर के साथ हड़ताल पर उतर आए हैं। सोमवार सुबह से ही शहर में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया, जिससे कई वार्डों में जगह-जगह कूड़े का अंबार लग गया। आक्रोशित सफाईकर्मी नगर परिषद की मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा राघव के आवास पर जुटकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्से का इजहार किया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
सफाईकर्मियों का आरोप है कि रविवार देर रात पुलिस ने बिहार लोकल बॉडीज फेडरेशन के प्रदेश संगठन महामंत्री मो. असजद आलम के घर का गेट तोड़कर जबरन प्रवेश किया और कर्मियों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की। इसके बाद संगठन महामंत्री सह नगर परिषद के बड़ा बाबू असजद आलम, आउटसोर्सिंग प्रबंधक डीके मिश्रा समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया गया। इस कार्रवाई से नगर परिषद कर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह बड़ी संख्या में सफाईकर्मी मुख्य पार्षद के घर पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ विरोध जताया। कर्मियों ने साफ कहा कि जब तक सदर थानाध्यक्ष और संबंधित एसआई को हटाया नहीं जाता तथा हिरासत में लिए गए कर्मियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उधर, मुख्य पार्षद ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर परिषद कर्मियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जो पूरी तरह से गलत है।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द ठोस पहल नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत शहर के वार्ड संख्या 22 में रविवार को नाले की सफाई के दौरान नगर परिषद कर्मी के साथ मारपीट की घटना से हुई। इसके बाद मामला बढ़ता गया और देर रात पुलिस की कार्रवाई से स्थिति और भड़क गई। हड़ताल के कारण पूरे शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
उधर, बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के महामंत्री को रिहा नहीं किया गया और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो इसके खिलाफ प्रदेश भर के नगर निकायों के कर्मी कामकाज ठप कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें


