फागुन में ही सूख रही गंगा, बिहार में इस बार भीषण गर्मी के आसार
संभावित पानी संकट को लेकर पीएचईडी विभाग भी विशेष सतर्कता बरत रहा है। पीएचईडी अभियंताओं ने तमाम क्षेत्र के ग्राउंड वाटर लेवल की रिपोर्ट तलब की है, ताकि समय रहते सरकार से मदद मांगी जा सके। कार्यपालक दिलीप कुमार ने बताया कि जेई को वीकली ऑब्जर्वेशन के निर्देश दिए गए हैं।

इस बार बिहार में भीषण गर्मी पड़ने के आसार दिख रहे हैं। इसकी तस्दीक फागुन में ही सूख रही गंगा से हो रही है। अमूमन वैशाख-जेठ में गंगा सूखने लगती है, लेकिन इस बार फागुन में ही शहरी क्षेत्र से गंगा काफी दूर चली गई है। मवेशियों को अधिक प्यास लगना और भूख की कमी भी भीषण गर्मी होने के संकेत दे रहे हैं। वर्ष 2025 की फरवरी में बरारी स्थित इंटकवेल को पानी गंगा की धारा से जिस स्थल से मिलता था। इस फरवरी एक्सट्रा पाइप लगाकर उस स्थल से करीब 100 फीट आगे से मिल रहा है।
इंटकवेल आगामी दिनों की परेशानी को ध्यान में रखकर एक्सट्रा पाइप मंगाकर रखने की तैयारी में जुट गया है। संभावित पानी संकट को लेकर पीएचईडी विभाग भी विशेष सतर्कता बरत रहा है। पीएचईडी अभियंताओं ने तमाम क्षेत्र के ग्राउंड वाटर लेवल की रिपोर्ट तलब की है, ताकि समय रहते सरकार से मदद मांगी जा सके। कार्यपालक दिलीप कुमार ने बताया कि जेई को वीकली ऑब्जर्वेशन के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जानकार बताते हैं कि केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) की मई 2025 की प्री मानसून बुलेटिन में भी आने वाले दिनों में बताया गया था कि भागलपुर में गंगा किनारे के शहर व गांवों में भूजल स्तर गिर रहा है। इस साल के लिए बुलेटिन प्रकाशन से पहले सीजीडब्ल्यूबी के अधिकारियों की ग्राउंड सुपरविजन में जनवरी-फरवरी में वाटर लेवल गिरने की पुष्टि हुई है। सीजीडब्ल्यूबी ने सभी प्रखंडों का जलस्तर रिकॉर्ड किया है। यह रिपोर्ट मई-जून में प्रकाशित हो सकेगी।
बिहार में गंगा के सटे जिलों का भूजल स्तर (एचएम में)
जिला - 2024-25 - 2025-26
बक्सर - 56138.3 - 30318.55
पटना - 98219.10 - 37595.63
लखीसराय - 37503.18 - 26462.36
बेगूसराय - 50675.69 - 15692.38
मुंगेर - 37580.04 - 23849.59
भागलपुर - 71315.39 - 42472.99
(स्रोत: डायनामिक ग्राउंड वाटर रिसोर्स ऑफ इंडिया)





