रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव के साथ नेपाल के होटल में ठहरे थे 4 लोग, कमरे में मिलीं कई दवाइयां
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के जिस होटल में मौत हुई, वहां उनके साथ 4 और लोग भी ठहरे हुए थे। पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कमरे से कुछ दवाइयां भी बरामद हुई हैं। बताया जा रहा है कि इसका सेवन प्रिंस करते थे। पुलिस उनके बारे में पता लगा रही है।

पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान से जुड़े प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में नेपाल पुलिस की जांच जारी है। ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस के साथ नेपाल के होटल में 4 भारतीय नागरिक ठहरे हुए थे। ये प्रिंस यादव के दोस्त बताए जा रहे हैं। नेपाल पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले रखा है और पूछताछ जारी है। पुलिस ने एक नेपाली नागरिक को भी पकड़ा था, उसे पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि जिस होटल के कमरे में प्रिंस यादव ठहरे हुए थे, वहां से कई दवाएं मिली हैं। इन दवाओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी पुलिस को इंतजार है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सहरसा के चार लोग हिरासत में
नेपाल की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने जिन चार नागरिकों को हिरासत में लिया है वे सभी बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं। इनमें अंकित कुमार यादव (25), रोशन यादव (27), लाटू यादव (21) और जयराम यादव (30) शामिल हैं।
साथियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
डीएसपी मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वहीं हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाने के लिए भारतीय पुलिस से भी संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत से सस्पेंस
नेपाल पुलिस के अनुसार मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्यों से पर्दा उठने की संभावना है। फिलहाल जांच पूरी होने तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।
बरामद दवाइयों की हो रही जांच
प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नेपाल की मोरंग पुलिस अब होटल के कमरे से बरामद दवाइयों की भी गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं उनकी मौत किसी पूर्व बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण तो नहीं हुई।
दोस्त बोले- बीमार रहता था प्रिंस यादव
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रिंस यादव के साथ कमरे में ठहरे साथियों ने भी पूछताछ के दौरान उनकी स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याओं का उल्लेख किया है। बताया जा रहा है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ नहीं थे और समय-समय पर दवाइयों का सेवन करते थे। मोरंग पुलिस के प्रवक्ता डीएसपी मर्केंद्र कुमार मिश्र के अनुसार, मौत का कारण किसी बीमारी से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
विराट नगर की होटल में दोस्तों के साथ था प्रिंस यादव
बताया जा रहा है कि प्रिंस यादव अपने दोस्तों के साथ नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। 13 जून देर रात को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्रिंस को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
खान सर से विवाद के केस में आरोपी था प्रिंस यादव
2 जून को पटना में खान सर और रौशन सर के कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद में प्रिंस यादव को भी आरोपी बनाया गया था। बताया गया कि गिरफ्तारी के डर से ही प्रिंस अपने साथियों के साथ नेपाल चले गए थे। खान सर के कोचिंग सेंटर पर तोड़फोड़ और पथराव करने के मामले में पटना पुलिस ने प्रिंस के भाई रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हाल ही में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया है।
(अररिया के जोगबनी से बारूण मिश्रा की रिपोर्ट)
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जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


