राज्यसभा चुनाव : MGB के 4 विधायकों के वोट ना देने से कैसे बदला समीकरण, एनडीए को मिल गई जीत

Mar 17, 2026 06:16 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बताया जाता है कि पटना में रहते हुए भी चार विधायक मतदान करने विधानसभा परिसर नहीं पहुंचे और एनडीए ने सभी सीटों पर फतह पा ली। खुद तेजस्वी यादव को भी इस स्थिति का पहले से अहसास नहीं हो पाया।

राज्यसभा चुनाव : MGB के 4 विधायकों के वोट ना देने से कैसे बदला समीकरण, एनडीए को मिल गई जीत

राज्यसभा चुनाव में अपने विधायकों को गोलबंद रहने में विपक्ष कामयाब नहीं रहा। पांचवीं सीट पर पूरी जोर लगाने के बाद भी उसे मुंह की खानी पड़ी। कांग्रेस की तीन और राजद के एक को मिलाकर कुल चार विधायकों की गैर हाजिरी ने राज्य सभा चुनाव का पूरा समीकरण एनडीए के पक्ष में कर दिया और पहली वरीयता में राजद प्रत्याशी से 7 वोटों से पीछे रहे शिवेश कुमार दूसरी वरीयता के वोटों से बाजी मारने में कामयाब हो गये।

राज्यसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद पर्याप्त संख्या बल नहीं होते हुए भी महागठबंधन की ओर से राजद ने अमरेन्द्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारा। जीत सुनिश्चित करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कमान अपने हाथों में ले रखी थी। 35 विधायकों (राजद के 25, कांग्रेस के 6, वाम के तीन और आईआईपी के एक) के आधार पर खड़ा हुआ यह अभियान ऐन एक दिन पहले एआईएमआईएम के 5 और बसपा के एक विधायक के समर्थन की घोषणा से जीत के लिए वांछित 41 की संख्या तक पहुंच भी गया था।

विधायकों को एकजुट करने के लिए एक होटल में रखा भी गया लेकिन यहीं से मामला तब फिसलने लगा जब कुछ विधायक होटल नहीं पहुंचे। सोमवार को सुबह से ही उन्हें फोन लगाया जाने लगा लेकिन इनके सारे नम्बर पहुंच से बाहर रहे। बताया जाता है कि पटना में रहते हुए भी चार विधायक मतदान करने विधानसभा परिसर नहीं पहुंचे और एनडीए ने सभी सीटों पर फतह पा ली। खुद तेजस्वी यादव को भी इस स्थिति का पहले से अहसास नहीं हो पाया। मतदान से गैर हाजिर रहे महागठबंधन के चारो विधायक विधानसभा चुनाव 2025 में कम अंतर से ही चुनाव जीते हैं।

एनडीए के चार प्रत्याशियों के अतिरिक्त 12 मत शिवेश कुमार को मिले

प्रथम वरीयता में नीतीश कुमार व नितिन नवीन को 44-44, रामनाथ ठाकुर व उपेन्द्र कुशवाहा को 42-42 मत मिले। शिवेश को 30 और अमरेन्द्रधारी सिंह को 37 वोट मिले, जो जीत के लिए जरूरी 41 मत से कम थे। चार विधायकों की अनुपस्थिति के बाद जीत के लिए वोट की गणना 239 विधायकों की संख्या के आधार पर की गयी। पांच सीटों के लिए मतदान हुआ। मानक के अनुसार उसमें एक जोड़कर (6) उससे 239 विधायकों की संख्या में भाग दिया गया, जो 39.84 आया। अर्थात, जीत के लिए 40 विधायकों का समर्थन आवश्यक था। जिन्हें इससे अधिक वोट मिले, उनके अतिरिक्त मत दूसरी वरीयता के रूप में पांचवें उम्मीदवार के पास चला गया।

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लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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