Hindi NewsBihar NewsFour member of the Bihar Legislative Council elected as MLAs elections to be held for four seats in six months
बिहार विधान परिषद के 4 सदस्य बने विधायक, 6 महीने में होगा चार सीटों पर चुनाव, नए चेहरों को मौका

बिहार विधान परिषद के 4 सदस्य बने विधायक, 6 महीने में होगा चार सीटों पर चुनाव, नए चेहरों को मौका

संक्षेप:

बिहार विधान परिषद के 4 सदस्यों को विधानसभा में शपथ ग्रहण से पहले परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में विधानसभा में शपथ लेते ही उनकी विधान परिषद की सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। जिसमें सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय, राधाचरण और भगवान सिंह कुशवाहा शामिल हैं।

Nov 19, 2025 08:43 pm ISTsandeep लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share Share
Follow Us on

18वीं बिहार विधानसभा चुनाव में बिहार विधान परिषद के चार सदस्य भी चुने गए हैं। इनमें पूर्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा और राधाचरण साह शामिल हैं। अब इनकी जगह विधान परिषद में नए चेहरों को मौका मिलेगा। जानकारी के मुताबिक, विधान परिषद के सदस्य और निवर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भाजपा के टिकट पर तारापुर विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। भगवान सिंह कुशवाहा जदयू उम्मीदवार के रूप में जगदीशपुर से चुने गए हैं। इन दोनों सदस्यों ने जून 2020 में विधान परिषद की सदस्यता ली थी और इनका कार्यकाल 28 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इसी तरह, निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे सीवान से भाजपा के टिकट पर चुने गए हैं। मई 2024 में विधान परिषद के सदस्य बने पांडेय का कार्यकाल मई 2030 में खत्म होने वाला था। यह तीनों सदस्य विधानसभा कोटे से चुने गए थे। इनके अलावा अप्रैल 2022 में स्थानीय प्राधिकार (भोजपुर/बक्सर) कोटे से विप सदस्य चुने गए राधाचरण साह भी संदेश क्षेत्र से जदयू के टिकट पर विधायक बने हैं। विप में उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक था। दो भाजपा और दो जदयू कोटे से चुने गए इन सदस्यों की जगह एनडीए नए सदस्य चुने जा सकते हैं।

ये भी पढ़ें:100 से कम वोट में 3 सीटें निकली, हजार के अंदर 11; सबसे बड़े अंतर से जीते 11 कौन?
ये भी पढ़ें:शायद नतीजा बेहतर होता; प्रशांत किशोर ने मान ली बिहार चुनाव में अपनी एक गलती
ये भी पढ़ें:बिहार में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा बने रहेंगे डिप्टी सीएम, BJP ने लगा दी मुहर

जानकारों के मुताबिक, विधान परिषद के इन सदस्यों को विधानसभा में शपथ ग्रहण से पहले परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में विधानसभा में शपथ लेते ही उनकी विधान परिषद की सदस्यता स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। पद रिक्त होने पर भारत निर्वाचन आयोग को छह माह के अंदर इन पदों के लिए चुनाव कराना होगा।