
EVM सेंटर से पोलिंग बूथ तक; बिहार चुनाव को देखने-समझने 7 देशों के अफसर आ रहे हैं
दूसरे देशों के चुनाव संगठनों के साथ चुनाव आयोग के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रोग्राम के तहत सात देशों के अधिकारियों का दल भारत की चुनाव प्रक्रिया को समझने के लिए दो दिन के बिहार दौरे पर पहुंच रहा है।
चुनाव आयोग के अंतर्राष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (इंटरनेशनल इलेक्शन विजिटर्स प्रोग्राम- IEVP) के तहत सात देशों के एक दर्जन से ऊपर सीनियर चुनाव अधिकारी बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की प्रक्रिया देखने दो दिन के दौरे पर पटना आ रहे हैं। बुधवार को विदेशी चुनाव अधिकारियों का यह दल उन केंद्रों का दौरा करेगा जहां से मतदान दल को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ गुरुवार की वोटिंग के लिए रवाना किया जाएगा। यह टीम गुरुवार को मतदान केंद्रों पर जाकर भारत की वोटिंग प्रक्रिया को करीब से देखेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को नई दिल्ली में विदेशी चुनाव संगठनों के दल के साथ मुलाकात की। फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड और कंबोडिया से कुल 14 अधिकारी बिहार चुनाव को नजदीक से देखने आए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान 23 देशों के 75 प्रतिनिधि भारत आए थे। आयोग ने 2014 में अंतर्राष्ट्रीय चुनाव संगठनों के अधिकारियों के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी और तब से हर चुनाव में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनाव प्रक्रिया को देखने-समझने विदेश से प्रतिनिधि आते हैं।
पहले चरण का चुनाव प्रचार बंद, 6 नवंबर को 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान
बिहार में दो चरणों में विधानसभा का चुनाव हो रहा है। पहले चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार यानी आज खत्म हो गया है। गुरुवार 6 नवंबर को पहले चरण की वोटिंग होगी। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर होगा जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। पहले चरण में राज्य के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हो रहा है। दूसरे चरण में बाकी की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। राज्य की विधानसभा में 243 सीट है और साधारण बहुमत के लिए 122 विधायकों का समर्थन चाहिए।





