Bihar Flood: सहरसा में 24 से अधिक गांव बाढ़ में घिरे, इमामगंज में सड़क और पुलिया बह गए; बिहार में बारिश से तबाही
Bihar Flood: बिहार के कई जिलों में अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल के तराई इलाकों में लगातार बारिश और कोसी बराज से पानी छोड़े जाने के बाद सहरसा जिले के सलखुआ, महिषी और नवहट्टा प्रखंड में बाढ़ व कटाव का संकट गहराने लगा है।
Bihar Flood: बारिश से जहां एक तरफ लोगों को राहत मिल रही है तो यहीं बारिश कही-कही आफत भी बन गई है। बिहार में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का खतरा अब लोगों को सताने लगा है। दरअसल नेपाल के तराई इलाकों में लगातार बारिश और कोसी बराज से पानी छोड़े जाने के बाद सहरसा जिले के सलखुआ, महिषी और नवहट्टा प्रखंड में बाढ़ व कटाव का संकट गहराने लगा है। जिले के दो दर्जन से अधिक गांव पूरी तरह कोसी की बाढ़ की चपेट में हैं। सलखुआ के कई गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं। सिमरी बख्तियारपुर के निचले इलाकों में भी कोसी का पानी प्रवेश करने से धान की फसल डूबने की कगार पर है। महिषी प्रखंड के कई गांवों के घरों व सड़कों पर पानी घुसने से नाव ही आवागमन का सहारा बन गई है। विस्थापित परिवारों ने प्रशासन से नाव, पॉलीथीन शीट और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से सलखुआ प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे खजुरबन्ना, ताजपुर, कबीरपुर, घोरमाहा, खरहोरिया, रंगीनियां, रेहरवा, डेंगराही, सिसवा, ब्रह्मटोल और सौंथी समेत कई गांव चारों ओर से पानी से घिरने लगे हैं। चानन पंचायत के सहुरिया गांव की मुख्य सड़क और खजुरबन्ना-सौंथी सड़क पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है।
साम्हरखुर्द पंचायत स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय खजुरबन्ना के परिसर में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। निचले इलाकों के लोग सुरक्षित स्थानों और तटबंधों की ओर पलायन कर रहे हैं। बाढ़ से धान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उधर सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के कठडूमर, बेलवाड़ा और घोघसम पंचायत के निचले क्षेत्रों में भी पानी फैलने से खेतों में लगी धान की फसल डूबने की कगार पर है। किसानों ने प्रशासन से राहत एवं आवश्यक सहायता की मांग की है।
इधर मधेपुरा जिले में कोसी व सहायक नदियों के जलस्तर में मंगलवार को भी वृद्धि जारी रही।आलमनगर और चौसा प्रखंड के निचले इलाके में बसे करीब एक दर्जन से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
तेज बारिश से सड़क और पुलिया बही
इमामगंज प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश से ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज जलप्रवाह के कारण कई ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंझौली पंचायत की मलहजोत गांव के समीप पानी के तेज बहाव में मंगलवार को पीसीसी सड़क का एक हिस्सा बह गया। वहीं उमान गांव के पास सुखड़ी नदी पर बनी होम पाइप वाली छोटी पुलिया भी तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, चार दिन पहले ही पुलिया को नुकसान पहुंचा था, लेकिन सोमवार की बारिश में इसका बचा हुआ हिस्सा भी बह गया। इससे ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क और पुलिया टूटने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और जरूरी सामान लाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। यह मार्ग बिहार को झारखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।


