बिहार में पहली बार भाजपा की ऐसी बमबम जीत, 2010 का भी तोड़ा रिकॉर्ड; कैसे खींची नई लकीर?
भाजपा ने अब तक के चुनावों में बिहार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है लेकिन उसे अभी भी अपने सपने को साकार करने के लिए इंतजार करना होगा। भाजपा के पितामह ने भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बनाने और सूबे में अपनी सरकार बनाने का सपना देखा था।
Bihar Election Results: बिहार चुनाव में अब धीरे-धीरे नतीजे आने लगे हैं। इसी के साथ ताजा रुझानों और नतीजों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। दोपहर 2.45 बजे तक के ताजा रुझानों के मुताबिक, भाजपा 92 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि NDA डबल सेंचुरी लगाने के करीब पहुंच गई है। वैसे तो इससे पहले भी भाजपा 2010 के चुनावों में ऐसा प्रदर्शन कर चुकी है और 91 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है लेकिन तब पार्टी ने 102 सीटों पर लड़कर ये आंकड़ा पाया था। इस बार पार्टी ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 92 सीटें जीतने के करीब है। यानी इस बार स्ट्राइक रेट 91 फीसदी का रहा है, जबकि 2010 में यह 89 फीसदी था।
दूसरी बड़ी बात कि 2010 में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी नहीं बन पाई थी, जबकि इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। 2010 में जेडीयू 115 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी और भाजपा दूसरे नंबर पर थी। दोनों दलों ने तब मिलकर चुनाव लड़ा था।
भाजपा को 20.97 फीसदी वोट
तीसरी बड़ी बात कि 2010 में भाजपा को कुल 16.49 फीसदी वोट मिले थे, जबकि इस बार अब तक उसे 20.97 फीसदी वोट मिले हैं। हालांकि वोट परसेंट के मामले में राजद फिर उससे आगे है। अभ तक का आंकड़ों के मुताबिक, इस बार राजद को सर्वाधिक 22.77 फीसदी वोट मिल चुके हैं। 2010 में राजद को 18.84 फीसदी वोट मिले थे लेकिन जीत सिर्फ 22 सीटों पर हुई थी।
2010 में लोजपा (रामविलास पासवान के नेतृत्व में) राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी और तीन सीटें जीत पाई थी। तब उसे 6.74 फीसदी वोट मिले थे लेकिन इस बार लोजपा चिराग के नेतृत्व में भाजपा के साथ मिलकर लड़ी है। LJPR फिलहाल 21 सीटों पर आगे चल रही है। उसे अभी तक 5.21 फीसदी वोट मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि LJPR की यह जीत और वोट परसेंट भी भाजपा की ही जीत है।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लेकिन सपने सच होने का इंतजार
इस लिहाज से देखें तो भाजपा ने अब तक के चुनावों में बिहार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है लेकिन उसे अभी भी अपने सपने को साकार करने के लिए इंतजार करना होगा। भाजपा के पितामह कहलाने वाले कैलाशपति मिश्रा ने बिहार में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी बनाने और सूबे में राष्ट्रवादी यानी भाजपा सरकार बनाने का सपना देखा था। उनका एक सपना तो पूरा हो चुका है लेकिन दूसरे सपने (अपने दम पर भाजपा सरकार) को साकार करने में पार्टी को भी नए समीकरण गढ़ने होंगे।
ताजा रुझानों के मुताबिक, विपक्षी राजद 26, कांग्रेस 04, AIMIM 06, CPIML(L) और CPI एक-एक सीट पर आगे चल रही है, जबकि IIP, VIP और प्रशांत किशोर की जनसुराज खाता तक नहीं खोल पाई है।





