
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के स्वागत में बड़हिया में चिड़ीमार बंदूक से छोड़े गए पटाखे
नीतीश कुमार की नई सरकार में दूसरी बार डिप्टी सीएम बनने और लखीसराय से 5वीं बार विधायक चुने हए विजय सिन्हा जब शुक्रवार को बड़हिया पहुंचे, तो उनका जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान चिड़ीमार बंदूक से पटाखे छोड़े गए। साथ ही लड्डू से तुलादान किया गया।
बिहार के दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बनने और पांचवीं बार लखीसराय के विधायक चुने के बाद शुक्रवार को जब विजय कुमार सिन्हा पहली बार बड़हिया पहुंचे तो समर्थकों ने उनका भव्य तरीके से स्वागत किया। इसी बीच एक वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बताया जा रहा था कि उनके आने की खुशी में समर्थक राइफल से हर्ष फायरिंग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना भी की जाने लगी, लेकिन सच कुछ और बताया गया।
पता चला कि क्षेत्र के दो युवक जिनके पास चिड़ीमार बंदूक है, भाजपा समर्थकों ने उन्हें बुलाकर उनसे पटाखे छोड़कर खुशी मनाई। शहर में जुलूस निकाला गया, जिसमें आगे-आगे चल रहे दोनों युवकों ने बंदूक में पटाखे भरकर कई बार फायरिंग की। बड़हिया के स्थानीय लोग बताते हैं कि क्षेत्र में यह परंपरा है कि कोई मन्नत पूरी हो या खुशी का मौका हो तब भी इस मुस्लिम परिवार के सदस्यों को बुलाकर जिनके पास यह बंदूक है, इसमें तेज आवाज वाले पटाखे छोड़े जाते हैं। साथ ही लोगों ने कहा कि टाल क्षेत्र में जब फसलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नीलगाय या सूअर आते हैं तो उन्हें भगाने के लिए भी इन्हें बुलाया जाता है। इस बंदूक से काफी तेज आवाज निकलती है जिससे जानवार भाग जाते हैं।
इस बाबत एसपी अजय कुमार ने कहा कि बंदूक जैसे दिखने वाले दोनों उपकरण बड़हिया थानाध्यक्ष द्वारा जब्त किए गए हैं। दोनों को चलाने वाले जाबिर और हामिद नामक युवकों को पूछताछ के लिए थाने में लाया गया है। पूछताछ के बाद विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
वहीं इस मामले पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि यह कोई घातक गोली या हर्ष फायरिंग नहीं थी। बांस व पाइप की बंदूक होती है, जिसे चिड़ीमार बंदूक बोला जाता है। इसका उपयोग शादी-विवाह में तिल्ली वाला पटाखा भरकर चलाने में किया जाता है। उसी से समर्थकों ने पटाखे छोड़े हैं। इसका वीडियो भी कई लोगों के पास है। हर्ष फायरिंग किए जाने की बात महज अफवाह है।





