
पटना में वैज्ञानिक के पिता की सेवा कुटीर में मौत, परिजनों को बिना बताए दाह-संस्कार; बवाल
परिवार इस संबंध में बेऊर थानें आवेदन देने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एसएसपी को आवेदन से पूरी जानकारी दी गई। उन्होंने एसएसपी से मामले की जांच करा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
पटना में बेऊर थाने के तेजप्रताप नगर रोड नंबर-2 स्थित सेवा कुटीर-2 में रह रहे वैज्ञानिक के पिता उमेश सिंह (63) की मौत हो गई। संस्था ने बिना परिजनों को बताए शव का अंतिम संस्कार भी करा दिया। आनन-फानन में अंतिम संस्कार किए जाने से परिवार वालों को शक पैदा हो रहा है। उन्होंने घटना की छानबीन और दोषियों पर कार्रवाई के लिए एसएसपी को लिखित शिकायत दी है। अरवल के हइबतपुर गांव निवासी उमेश सिंह पाटलिपुत्र कॉलोनी में रहते थे। उनके एक पुत्र वैज्ञानिक और दूसरा इंजीनियर हैं। बड़े भाई रमेश प्रसाद सिंह ने बताया कि उमेश सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लिहाजा पहले उन्हें कोइलवर मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

बाद में उन्हें खगौल स्थित सेवा कुटीर-2 में भेजा गया था। शुरू में परिवार वाले उनसे मिलने जाते थे, लेकिन बाद में कर्मियों ने उनके मिलने पर रोक लगा दी थी। विभाग से पत्र भेजकर कहा गया कि परिवार का कोई भी सदस्य उनसे मिलने नहीं आये। जिसके बाद परिवार वालों ने उमेश सिंह से मिलने जाना बंद कर दिया था। जब कई महीने बाद वे भाई से मिलने गए तो कर्मी गोल-मटोल बात बताकर उन्हें वापस भेज दिया।
एसएसपी से जांच कराने की मांग की
रमेश प्रसाद ने बताया कि 14 सितम्बर को दोबारा बेऊर गए तो जानकारी मिली कि उमेश सिंह की मौत हो चुकी है और उनका अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सच को छिपाने के लिए संस्था ने उमेश सिंह की मौत की जानकारी उन्हें नहीं दी। परिवार इस संबंध में बेऊर थानें आवेदन देने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद एसएसपी को आवेदन से पूरी जानकारी दी गई। उन्होंने एसएसपी से मामले की जांच करा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों का मोबाइल नंबर और पता संस्था के पास नहीं था: सचिव
सेवा कुटीर के सचिव सतीश कुमार ने बताया कि उमेश सिंह के परिवार वालों का मोबाइल नंबर और पता संस्था के पास नहीं था। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को हृदय गति रुकने से उमेश सिंह का निधन हुआ था। जिसके बाद विभाग के निर्देश पर शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया था। वहीं, बेऊर थानेदार सुनील कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



