बिहार में किसान संगठनों की आंदोलन की धमकी, सैटेलाइट टाउनशिप पर सम्राट सरकार की मुश्किल बढ़ी
बिहार में बसाई जाने वाली 12 सैटेलाइट टाउनशिप पर सम्राट सरकार की मुश्किल बढ़ गई है। किसान संगठनों ने इसका विरोध करते हुए आंदोलन की चेतावनी दे दी है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 22 जुलाई को विरोध प्रदर्शन का ऐलान भी कर दिया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के खिलाफ किसान संगठन लामबंद होने लगे हैँ। इससे सम्राट सरकार की चिंता बढ़ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्य में विकसित की जाने वाले 12 सैटेलाइट टाउनशिप (ग्रीनफील्ड शहरों) के खिलाफ बड़े आंदोलन की धमकी दे दी है। मोर्चा की ओर से 22 जुलाई को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार सैटेलाइट टाउनशिप की जगह स्मार्ट गांव बनाए।
सीतामढ़ी में प्रस्तावित सीतापुरम टाउनशिप के खिलाफ भूमि बचाओ संघर्ष समिति ने बिहार के नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा को 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा है। मंत्री के साथ करीब आंधे घंटे तक चली वार्ता में समिति की ओर से पक्ष रखते हुए प्रो. आनंद किशोर ने कहा कि सीतामढ़ी जैसे कृषि प्रधान और कम भूमि वाले जिला में टाउनशिप की जगह कृषि विशेष क्षेत्र तथा नदी जल प्रबंधन के साथ कृषि आधारित उद्योग का प्रोजेक्ट दिया जाए। लैंड पुलिंग और लॉटरी सिस्टम सिस्टम से सीतामढ़ी के किसानों को मुक्त रखा जाए।
किसानों ने कहा कि यह रीगा चीनी मिल का सघन इलाका है। टाउनशिप विकसित होने से पोखरा और जलस्त्रोत खत्म हो जाएंगे। प्रतिनिधिमंडल के साथ सीतामढ़ी विधायक सुनील कुमार पिंटू भी शामिल रहे। मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अध्ययन कराएंगे। किसानों की हर समस्या का समाधान होगा। बदलाव की जरूरत पड़ेगी तो वह भी करेंगे। इस दौरान संरक्षक वैद्यनाथ, संतोष कुमार सिंह, सतीश कुमार सिंह, नवीन, धीरज, जितेंद्र, टिंकू आदि मौजूद रहे।
सैटेलाइट टाउनशिप की बजाए बनाएं स्मार्ट गांव
पटना स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती स्मारक में हुई बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि टाउनशिप की बजाए कृषि एवं कृषि आधारित उद्योग के विकास की मांग की। मोर्चा ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप की बजाए स्मार्ट गांव बनना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि किसानों के पुरखों की जमीन छीनकर सरकार अपने कॉरपोरेट मित्रों को सौंपना चाहती है। किसान नेताओं ने कहा कि टाउनशिप और अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ 22 जुलाई को प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा।
12 शहरों के पास बसेगी टाउनशिप
बता दें कि सम्राट सरकार बिहार के 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों समेत 12 शहरों के पास नई सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना पर काम कर रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से पटना, मुजफ्फरपुर, छपरा, सोनपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर, दरभंगा, मुंगेर, सहरसा, पूर्णिया, गयाजी और डेहरी (रोहतास) में सैटेलाइट टाउनशिप के क्षेत्रों को चिह्नित किया गया।
चिह्नित क्षेत्रों में मौजूद किसानों की जमीनों को सरकार अधिग्रहित करेगी। या फिर उन्हें लैंड पुलिंग के तहत टाउनशिप में हिस्सेदारी दी जाएगी। जो भी रैयत अपनी जमीन सरकार को बेचना चाहते हैं, उसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई है। हालांकि, किसानों का एक वर्ग इसका विरोध करने लगा है, जिससे सरकार की मुश्किल बढ़ती नजर आ रही है।


