पटना में वसूली कर रहा फर्जी दारोगा गिरफ्तार, पुलिस अफसरों से नजदीकी का उठा रहा था फायदा
अरविंद कुमार पासवान वर्दी की धौंस दिखाकर इलाके के दुकानदार और ठेला वालों से उगाही करता था। यही नहीं वह कभी लोगों से मोबाइल बेचने तो कभी अपनी बाइक बेचने के नाम पर हजारों रुपये ले लेता था। लेकिन सामान नहीं देता था।
बिहार की राजधानी पटना में रामकृष्णा नगर पुलिस ने लोगों से उगाही करने वाले एक फर्जी दारोगा को गिरफ्तार किया है। वह खुद को एजी कार्यालय में तैनात बताता था। आरोपित पुलिस की धौंस जमा इलाके के दुकानदार व अन्य लोगों से हजारों रुपये ले चुका है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर रविवार की शाम पुलिस ने फर्जी दारोगा को उसके किराए के मकान से दबोचा। आरोपित का नाम अरविंद कुमार पासवान उर्फ विपुल पासवान है। वह अपना मूल निवास कभी दरभंगा तो कभी सिवान बता रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सदर डीएसपी टू सत्यकाम ने बताया कि जांच में स्पष्ट हो गया है कि गिरफ्तार व्यक्ति दारोगा नहीं है। उसके द्वारा बताई जा रही अन्य जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। फर्जी दारोगा बीते छह महीने से रामकृष्णा नगर के सोरंगपुर में दुर्गा यादव के मकान में रह रहा था। मकान लेते समय उसने मालिक को खुद की तैनाती वीरचंद पटेल मार्ग स्थित एजी कार्यालय में बताई थी। वह पुलिस की वर्दी में पूरी ठसक के साथ निकलता था और शाम को घर लौट आता था।
खौफ कायम कर रखा था
स्थानीय लोगों ने बताया कि अरविंद कुमार पासवान वर्दी की धौंस दिखाकर इलाके के दुकानदार और ठेला वालों से उगाही करता था। यही नहीं वह कभी लोगों से मोबाइल बेचने तो कभी अपनी बाइक बेचने के नाम पर हजारों रुपये ले लेता था। लेकिन सामान नहीं देता था। बावजूद इसके पीड़ित उसके खौफ से कुछ नहीं बोलते थे। उसकी हरकतों से लोग परेशान हो गए थे।
पुलिसकर्मी आते थे आरोपित के कमरे पर
आरोप है कि थाने के कई अधिकारी और पुलिसकर्मी अक्सर आरोपित के कमरे पर आते रहते थे। पुलिस कर्मियों के साथ नजदीकी के कारण किसी को उसपर शक नहीं होता था। इसी बीच हरकतों से त्रस्त लोगों ने अरविंद की शिकायत रामकृष्णा नगर थाना में की थी। रामकृष्णा नगर थाने की पुलिस रविवार को पूछताछ के लिए बाइक पर बिठा थाने ला रहे थे। इसी दौरान आरोपित ने भागने की कोशिश भी की। बाद में स्थानीय लोगो ने उसे दबोच पुलिस के हवाले कर दिया।
वर्दी पर नेम प्लेट भी
आरोपित के वर्दी पर स्टार सहित नेम प्लेट भी मिला है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने कितने लोगो को अपना शिकार बनाया है। उसके साथ और किन लोगों की संलिप्तता है, इस दिशा में भी छानबीन की जा रही है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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