अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बता ठगता था फर्जी IAS, घर पर हिरण और बारहसिंगा के सींग; टेस्ला की कार भी मिली
बिहार के फर्जी IAS मनीष कुमार ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया। पुलिस के अनुसार, अविवाहित मनीष बड़े मकान में अकेले ही रहता था। बाहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसने अपने घर के बाहर करीब 100 कैमरे लगवा रखे थे।

बिहार में फर्जी IAS मनीष कुमार ने कई लोगों को ठगा। हैरानी की बात है कि वो खुद को अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताता था। खुद को आईएएस बताकर रौब गांठने वाले मनीष गुप्ता के आवास से छापे में हिरण और बारहसिंगा के सींग, टेस्ला की ड्राइवरलेस कार, 29 अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब और कई डिजिटल उपकरण मिले हैं। पुलिस और डीआईयू ने खगड़िया जिले के गोगरी थाना क्षेत्र के जमालपुर बाजार स्थित मनीष के आवास पर शनिवार को छापा मारा था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एसपी भानुप्रताप सिंह ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मनीष गुप्ता ने फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। उसकी संपत्ति के आकलन के लिए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) से भी सहयोग लिया जायेगा।
एसपी ने बताया कि जमालपुर का रहने वाला मनीष गुप्ता लंबे समय से खगड़िया समेत अन्य जिलों में फर्जी आईएएस बनकर ठगी कर रहा था। मनीष अपनी निजी गाड़ी पर भारत सरकार और आईएएस का बोर्ड लगाकर दबंगई करता था। साथ ही खुद को भारतीय सुरक्षा प्रमुख अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताकर झांसा देता था। छापेमारी के दौरान उसने केंन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) का परिचय पत्र दिखाया। आरोपी मनीष गुप्ता ने लोगों से ठगी कर लगभग सौ करोड़ की संपत्ति जुटाई है। एसपी ने बताया कि मनीष गुप्ता अपने आपको आईएएस बताकर गोगरी समेत आसपास के अन्य जिलों में लंबे समय से लोगों से ठगी कर रहा था।
टेस्ला कार और शराब भी मिली
31 लीटर विदेशी शराब, 9.9 लीटर बियर, भारत सरकार का बोर्ड लगी टेस्ला कंपनी की कार और एक अन्य एसयूवी, पांच आईफोन, दो लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के 20 क्रेडिट कार्ड, आठ डेबिट कार्ड, चार चेकबुक, बारहसिंगा के दो सींग, आईएएस व भारतीय सतर्कता आयोग लिखा परिचय पत्र।
घर के बाहर लगवाए थे 100 कैमरे
पुलिस के अनुसार, अविवाहित मनीष बड़े मकान में अकेले ही रहता था। बाहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसने अपने घर के बाहर करीब 100 कैमरे लगवा रखे थे। आसपास के लोगों का कहना है कि वह अपने घर से बहुत कम ही बाहर निकलता था। कोई स्थानीय व्यक्ति भी उसके घर नहीं जाता था। मनीष के पिता परमेश्वर गुप्ता खगड़िया के केडीएस कॉलेज में हिंदी के प्रोफेसर थे। वह छह भाइयों में सबसे छोटा है। बड़ा भाई संजय कुमार दिल्ली में प्रोफेसर है। एक भाई कनाडा में रहता है। उसके तीन अन्य भाइयों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।


