
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता दोषी करार, रिश्वतखोरी में हुई जेल
भ्रष्टाचार के इस मामले में अभियुक्त बिनय कुमार सिंह को 24 अक्तूबर 2007 को निगम के यारपुर स्थित कार्यालय में 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। वे ठेकेदार सुधीर कुमार सिंह के साझेदार और शिकायतकर्ता हरेंद्र सिंह से उसके बिल भुगतान के लिए घूस ले रहे थे।
भ्रष्टाचार के 18 साल पुराने मामले में निगरानी के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रूस्तम ने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सह वरिष्ठ परियोजना पदाधिकारी बिनय कुमार सिंह को दोषी करार दिया है। आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध के लिए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। साथ ही, उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के साथ 13(1)(डी) के तहत अपराध के लिए एक वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की अलग सजा दी गई।
जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक माह की अवधि के साधारण कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। भ्रष्टाचार के इस मामले में अभियुक्त बिनय कुमार सिंह को 24 अक्तूबर 2007 को निगम के यारपुर स्थित कार्यालय में 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। वे ठेकेदार सुधीर कुमार सिंह के साझेदार और शिकायतकर्ता हरेंद्र सिंह से उसके बिल भुगतान के लिए घूस ले रहे थे।
निगरानी के विशेष न्यायाधीश ने इस मामले की सुनवाई की। मामले में अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों से पूछताछ की गई। मामले का संचालन पटना के विशेष पीपी विजिलेंस (ट्रैप मामले) बिजय भानु ने किया। बिनय सिंह मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं।





