जदयू महासचिव डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी पर घूस लेने का केस दर्ज, BPSC में नौकरी दिलाने का झांसा; EOU करेगी जांच

Nishant Nandan हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
share

प्राथमिकी में जदयू नेता के पिता ब्रजकिशोर प्रसाद, उनकी पत्नी डॉ. रजनी, घूस की रकम देने वाली महिला दारोगा आशा सिंह और उनके बेटे रितेश को भी आरोपित बनाया गया है। जांच की जिम्मेदारी ईओयू की डीएसपी स्वाति कृष्णा को सौंपी गई है।

जदयू महासचिव डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी पर घूस लेने का केस दर्ज, BPSC में नौकरी दिलाने का झांसा; EOU करेगी जांच

पटना की महिला दारोगा के बेटे को बीपीएससी में नौकरी दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये की ठगी के आरोप में कुम्हरार से पूर्व राजद उम्मीदवार और वर्तमान में जदयू नेता डॉ. धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी के विरुद्ध आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी में जदयू नेता के पिता ब्रजकिशोर प्रसाद, उनकी पत्नी डॉ. रजनी, घूस की रकम देने वाली महिला दारोगा आशा सिंह और उनके बेटे रितेश को भी आरोपित बनाया गया है। जांच की जिम्मेदारी ईओयू की डीएसपी स्वाति कृष्णा को सौंपी गई है।

डॉ. धर्मेंद्र कुमार बिहार प्रदेश जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में प्रदेश महासचिव हैं। ईओयू में दर्ज केस (07/26) के मुताबिक, पटना जिला पुलिस बल में कार्यरत आशा सिंह ने अपने बेटे रितेश कुमार को गलत तरीके से बीपीएससी की परीक्षा में सफल कराकर नौकरी दिलाने के लिए 40 लाख की रकम डॉ धर्मेंद्र कुमार व अन्य अभियुक्तों को दी। मगर नौकरी नहीं दिला पाने पर अभियुक्तों ने 25 लाख रुपये वापसी का चेक लौटा दिया, जो बाउंस कर गया।

इस संबंध में जनवरी 2024 में जक्कनपुर थाने में कांड संख्या 39/2024 दर्ज कराया गया था। इस कांड में जुलाई 2024 में आरोप पत्र समर्पित कर कांड का अनुसंधान बंद किया जा चुका है। इस मामले को लेकर डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने पटना हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी। इसमें हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में न्यायादेश पारित किया। इस पर पटना सदर के एसडीपीओ (एक) ने पुन: मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस पदाधिकारी होते हुए भी महिला दारोगा ने पुत्र को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए विभिन्न स्रोतों से पैसा इकट्ठा कर रिश्वत दी।

पिछले साल हुए थे गिरफ्तार

आपको बता दें कि जदयू नेता डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी को पिछले साल पटना की जक्कनपुर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। उनपर दरभंगा के रहने वाले नितेश कुमार से नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये लेने का आरोप लगा था। आरोप लगे थे कि जदयू नेता ने साल 2019 से 2020 के बीच सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर मोटी रकम वसूली थी। इस मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भी भेजा था। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जदयू नेता का नम पहले भी फर्जी जमीन दस्तावेज में सामने आ चुका है। हालांकि, इस मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। बहरहाल अब एक बार फिर डॉ. धर्मेंद्र चंद्रवंशी पर कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।