बिहार: दारोगा बहाली में धांधली से जुड़े BPSC के जवाब से ईओयू नहीं संतुष्ट, टॉप परीक्षा केंद्रों की लिस्ट भी नहीं मिली
ईओयू ने कुछ परीक्षा केंद्रों पर 25 से 30 प्रतिशत तक अभ्यर्थियों के उत्तीर्ण होने की शिकायत मिलने पर सबसे अच्छे रिजल्ट वाले टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की सूची भी मांगी थी। बीपीएससी से इसका उत्तर अभी नहीं मिला है।

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने दारोगा भर्ती परीक्षा में हुई कथित धांधली से जुड़े प्रश्नों के जवाब आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी है। मंगलवार को भी दो पत्र बीपीएसएससी को भेज जवाब मांगा। रिपोर्ट में पूर्णिया और गया जी में परीक्षा के दौरान हुई धांधली में आयोग के स्तर से की गई कार्रवाई के साथ परीक्षा केंद्रों का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराया गया है। हालांकि, ईओयू सूत्रों के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट में कई प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट नहीं हैं। ईओयू द्वारा गठित एसआईटी दारोगा भर्ती परीक्षा में धांधली से संबंधित आरोपों की जांच कर रही है। एसआईटी ने तीन सितंबर को बीपीएसएससी को पत्र लिख दोनों जिलों के केंद्रों में हुई गड़बड़ियों से संबंधित कई जानकारियां मांगी थीं।
इसके बाद ईओयू ने 8 सितंबर को भी आयोग से जानकारी मांगी। ईओयू ने कुछ परीक्षा केंद्रों पर 25 से 30 प्रतिशत तक अभ्यर्थियों के उत्तीर्ण होने की शिकायत मिलने पर सबसे अच्छे रिजल्ट वाले टॉप-20 परीक्षा केंद्रों की सूची भी मांगी थी। इसका उत्तर अभी नहीं मिला है। आयोग के स्तर से दिए गए प्रश्नों के उत्तर संतोषप्रद है या नहीं, इसको लेकर एसआइटी अभी जवाब का अध्ययन कर रही है। इसमें बिंदुवार प्रश्नों के जवाब और कार्रवाई के बारे में मिली जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद ईओयू अगला कदम उठायेगा।
बता दें कि दारोगा परीक्षा बहाली में कथित गड़बड़ियों की जांच के क्रम में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की एसआईटी ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा था। ईओयू ने परीक्षार्थियों के अनुपात में सर्वाधिक रिजल्ट देने वाले टॉप 20 परीक्षा केंद्रों की सूची भी तलब की थी। साथ ही ऐसे शीर्ष 20 परीक्षा केंद्रों से संबंधित ब्योरा भी मांगा था जहां के क्रमवार रोल नम्बर के अधिक विद्यार्थी सफल हुए हैं। ईओयू ने बीपीएसएससी को तीन और आठ सितंबर को दो पत्र लिखे थे। जिसपर आयोग को जवाब देना था।
ईओयू एसआईटी ने आयोग से शिकायत वाले परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज भी मांगे थे। इनमें पूर्णिया के साइबर थाना और गया जी के रामपुर थाना में दर्ज एफआईआर से संबंधित परीक्षा केंद्र के साथ ही छात्रों की आपत्ति वाले परीक्षा केंद्र भी शामिल हैं। इन केंद्रों के तत्कालीन केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक, बायोमेट्रिक व जैमर कर्मियों की सूची मांगी गयी है। ईओयू इनके बैकग्राउंड की जांच कर सकती है। पूर्णिया, गया जी में दर्ज एफआईआर के आधार पर केंद्रों से लिंक की भी तलाश की जा रही है।
पेपर लीक के प्रमाण नहीं
ईओयू सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र लीक से संबंधित कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, पूर्णिया में एक शिक्षक द्वारा वाट्सअप से पटना भेजी गयी प्रश्न पत्र की कॉपी और गया जी में परीक्षा के दौरान मिले डिजिटल प्रमाणों के आधार पर परीक्षा माफिया के संबंधों की तलाश की जा रही है।


