पटना के बाढ़ में एनकाउंटर, पुलिस ने एक बदमाश को पैर में मारी गोली; कई पुलिसकर्मी भी चोटिल
पुलिस ने जख्मी बदमाश को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया। धीरज के बाएं पैर के निचले हिस्से में गोली लगी है। अस्पताल कर्मी के अनुसार, गोली आर-पार हो गई है।

पटना से सटे बाढ़ में पंडारक के दियारा में सोमवार की दोपहर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की अपराधियों के साथ मुठभेड़ में बदमाश धीरज कुमार (30) के पैर में गोली लगी है। एसटीएफ को दियारा में जबरन फसल कटवाने और दो गुटों के जुटने की सूचना मिली थी। पुलिस को मौके से दो राइफल, बंदूक, रिवाल्वर, 59 गोलियां और खोखा बरामद हुए हैं। पुलिस ने मौके से जख्मी धीरज समेत पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। धीरज के विरुद्ध कदमकुआं व भदौर थाने में आर्म्स एक्ट जानलेवा हमले आदि के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने जख्मी बदमाश को बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया। धीरज के बाएं पैर के निचले हिस्से में गोली लगी है। अस्पताल कर्मी के अनुसार, गोली आर-पार हो गई है। उधर नाकाबंदी कर रहे कई पुलिसकर्मी उबड़ खाबड़ खेत में गिरकर चोटिल हो गए।
अपराधियों ने जमकर गोलीबारी की
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि पंडारक के दियारा क्षेत्र में हथियारबंद अपराधी सरसों की फसल जबरन काटने के लिए जुटे हैं। पुलिस को दो आपराधिक गिरोह के बीच वर्चस्व को लेकर जुटान होने की सूचना मिली। इसके बाद एसटीएफ, पंडारक सहित कई थानों की पुलिस दियारा इलाके में नाकाबंदी की। पुलिस के पहुंचते ही अपराधियों ने भागने के दौरान गोलियां चलाईं। करीब 30 राउंड गोलियां चलाने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में पंडारक निवासी अनिल सिंह का पुत्र धीरज कुमार (30) के बाएं पैर में गोली लग गई और वह खेत में ही गिर पड़ा। इसके बाद चार अपराधियों ने पुलिस के सामने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस सभी का आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है। थानाध्यक्ष नवनीत राय ने बताया कि केस दर्ज करने की कार्रवाई जा रही है।
परिवार बोले, खेत देखने गया था धीरज
मुठभेड़ में जख्मी धीरज के चाचा ने बताया कि उनका भतीजा खेत देखने के लिए दियारा में गया था और वे काम के लिए एनटीपीसी परियोजना में गए थे। इसी दौरान धीरज को गोली लगने की सूचना मिली है। परिजनों का कहना है कि धीरज बदमाश प्रवृति का नहीं हैं। जबकि पुलिस उसे कुख्यात बता रही है। ग्रामीण एसपी और डीएसपी घटनास्थल पर पहुंच जांच पड़ताल की।


