
बिहार के शहरों में सस्ती होगी बिजली, हर 100 यूनिट पर 140 रुपये का फायदा
बिहार के शहरी उपभोक्ताओं को गांवों की तर्ज पर सस्ती बिजली मिलने वाली है। शहरों में बिजली के मौजूदा दो स्लैब में एक को हटाने की तैयारी की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को प्रति 100 यूनिट 140 रुपये का फायदा होगा। साथ ही, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ भी मिलता ही रहेगा।
बिहार के शहरी उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में और सस्ती बिजली मिलेगी। लोगों को सस्ती बिजली देने का प्रस्ताव बिजली कंपनी ने बिहार विद्युत विनियामक आयोग को सौंपा है। विनियामक आयोग की मंजूरी मिलने पर आगामी एक अप्रैल 2026 से शहरी उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलने लगेगी। इसका लाभ राज्य के 35 लाख से अधिक शहरी उपभोक्ताओं को होगा। शहरी उपभोक्ताओं को गांवों की तर्ज पर कम दर पर बिजली मिलने लगेगी।
पिछले साल कंपनी ने ग्रामीण घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में दो के बदले एक स्लैब करने का प्रस्ताव दिया था। आयोग की मंजूरी मिलने पर ग्रामीण इलाके में अभी एक ही स्लैब लागू है। इसी को आगे बढ़ाते हुए कंपनी ने अब शहरी घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में भी एक स्लैब करने का प्रस्ताव दिया है।
अभी 1 से 100 यूनिट तक बिजली खपत करने पर 7.42 रुपये प्रति यूनिट अनुदानरहित दर तय है। सरकार इसमें 3.30 रुपये प्रति यूनिट अनुदान देती है और उपभोक्ताओं के लिए 4.12 रुपये प्रति यूनिट दर ही तय है।
हालांकि जुलाई 2025 से 125 यूनिट तक की बिजली खपत को नि:शुल्क किए जाने के कारण लोगों को पहले स्लैब में कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। दूसरा स्लैब 100 यूनिट से अधिक का है। इसमें अनुदानरहित दर 8.95 रुपये प्रति यूनिट है। सरकार इसमें 3.43 रुपए प्रति यूनिट अनुदान देती है और उपभोक्ताओं को 5.52 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना पड़ता है। अब यह स्लैब खत्म करने का प्रस्ताव है।
शहरों में प्रति परिवार 200 यूनिट से अधिक होती है खपत
शहरी इलाके में एक परिवार न्यूनतम 200 से 225 यूनिट बिजली खपत करता है। 125 यूनिट मुफ्त होने के बाद अगर उपभोक्ता हर महीने 100 यूनिट भी बिजली खपत करेंगे तो उन्हें हर महीने 140 रुपये की बचत होगी।
बिहार में हर साल शहरी बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। बिजली कंपनी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य में 30 लाख 43 हजार 930 शहरी घरेलू उपभोक्ता थे। इसमें उत्तर बिहार में 14 लाख 16 हजार 794 तो दक्षिण बिहार में 16 लाख 27 हजार 136 उपभोक्ता थे।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 31 लाख 48 हजार 9 हुई, जिसमें उत्तर बिहार में 14 लाख 45 हजार 130 तो दक्षिण बिहार में 16 लाख 59 हजार 679 घरेलू उपभोक्ता हुए। अभी शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 35 लाख से अधिक हो गई है। इस तरह उपभोक्ताओं को हर महीने लगभग 50 करोड़ की बचत होगी।





