बिहार में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, कंपनी को चुकाने हैं 3200 करोड़ रुपये

Feb 10, 2026 09:57 pm ISTJayesh Jetawat हिन्दुस्तान ब्यूरो, पटना
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बिहार में बिजली का दाम बढ़ सकते हैं। 1 अप्रैल से राज्य में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं। दरअसल, बिजली कंपनी को 3200 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। सरकार पर बकाये का बोझ बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।

बिहार में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, कंपनी को चुकाने हैं 3200 करोड़ रुपये

बिहार में आगामी एक अप्रैल से बिजली महंगी हो सकती है। इस बार टैरिफ पिटीशन में कंपनी ने पूर्व के बकाए की मांग कर दी है। तीन हजार करोड़ से अधिक की दावेदारी के कारण यह तय माना जा रहा है कि इस बार बिजली दर में बढ़ोतरी तय है। कंपनी ने सभी श्रेणी की बिजली दर में 35 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

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कंपनी की ओर से सौंपी गई याचिका पर जनसुनवाई पूरी हो चुकी है। मार्च के दूसरे सप्ताह में बिहार विद्युत विनियामक आयोग की ओर से नई बिजली दर की घोषणा हो सकती है जो एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। आयोग अभी कंपनी की ओर से सौंपे गए पिटीशन और उसकी दलीलों का सूक्ष्मता से अध्ययन कर रहा है। इस दौरान आयोग को यह जानकारी मिली की कंपनी ने तीन हजार करोड़ से अधिक की पुराने बकाए की दावेदारी की है।

दरअसल 2012 में जब बिजली बोर्ड से कंपनी का गठन हुआ तो एसेट-लायबिलिटि के नाम पर 1100 करोड़ का मामला सामने आया। कंपनी गठन के समय यह कहा गया था कि बोर्ड के सभी बकाया (दायित्वों) का वहन राज्य सरकार करेगी। लेकिन कतिपय कारणों से कंपनी को यह राशि नहीं मिली। तब 2015 में कंपनी ने टैरिफ पिटीशन में इस बकाए की दावेदारी कर दी। उस वर्ष विनियामक आयोग ने कंपनी को यह बकाया राशि की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह इस पैसे की मांग राज्य सरकार से करे।

विनियामक आयोग के निर्णय के खिलाफ कंपनी एप्टेल (विद्युत अपीलीय न्याधिकरण) चली गई। एप्टेल ने इस मामले की सुनवाई के बाद विनियामक आयोग के निर्णय को पलट दिया। एप्टेल ने कहा कि कंपनी को न केवल पैसा प्राप्त करने का अधिकार है बल्कि उसे सूद भी दिया जाए। ब्याज सहित अब यह पूरी राशि पांच हजार करोड़ से अधिक हो गई है।

एप्टेल का फैसला आने पर ही कंपनी ने टैरिफ पिटीशन में तीन हजार करोड़ से अधिक की मांग को शामिल कर दिया है। हालांकि जनसुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी को कहा है कि वह बकाए की मांग पर गौर करेगा, लेकिन वह एक बार फिर कोशिश करे कि राज्य सरकार से पैसा मिल जाए। हालांकि अब तक यह राशि नहीं मिलने के कारण अब पुराने बकाए की भरपाई के लिए बिजली दर में वृद्धि होनी तय मानी जा रही है। चूंकि कंपनी अभी मुनाफे में चल रही है, इस कारण उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा।

Jayesh Jetawat

लेखक के बारे में

Jayesh Jetawat

जयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।

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