ज्यादा बच्चा होने पर बिहार में वार्ड पार्षद के खिलाफ ऐक्शन, चुनाव आयोग ने छीन ली कुर्सी
हरनौत नगर पंचायत के वार्ड-19 के वार्ड पार्षद अशोक कुमार को अधिक बच्चे होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का आदेश दिया है। साथ ही, गलत हलफनामा दाखिल करने के मामले में उनपर मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया गया है।

ज्यादा बच्चा पैदा करने पर निर्वाचन आयोग ने बिहार के एक वार्ड पार्षद पर सख्त ऐक्शन लिया है। निर्वाचन आयोग ने इस वार्ड पार्षद की कुर्सी छीन लिया है। पूरा मामला नालंदा जिले का है। यहां हरनौत नगर पंचायत के वार्ड-19 के वार्ड पार्षद अशोक कुमार को अधिक बच्चे होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाने का आदेश दिया है।
साथ ही, गलत हलफनामा दाखिल करने के मामले में उनपर मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया गया है। उनके खिलाफ पंकज कुमार ने आयोग में शिकायत दर्ज करायी थी। लंबी सुनवाई के बाद सोमवार को यह आदेश जारी किया गया है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वार्ड पार्षद की कुल पांच संतानें हैं। इनमें से दो का जन्म वर्ष 2008 के बाद हुआ है। बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 के अनुसार 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान रहने पर चुनाव लड़ने से अयोग्य माना गया है।
फिर भी उन्होंने तथ्यों को छुपाकर चुनाव लड़ा। इस मामले में शिकायतकर्ता ने एक पुत्र और एक पुत्री के जन्म वर्ष 2008 के बाद होने के पुख्ता सबूत पेश किये थे। जाति आधारित सर्वेक्षण के फार्म में भी उन्होंने पांच संतानों और उनकी आयु का जिक्र किया है। आयोग ने आदेश में कहा है कि गलत शपथ पत्र देकर आयोग को गुमराह किया गया। इस मामले में डीएम को उनके खिलाफ धोखाधड़ी और गलत हलफनामा देने के लिए कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के साथ ही वार्ड-19 के पार्षद का पद अब रिक्त हो गया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अब इस सीट पर नियम के अनुसार फिर से चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
मनेर की वार्ड पार्षद की गई थी सदस्यता
आपको बता दें कि इससे पहले एक ऐसे ही मामले में मनेर नगर वरिषद की वार्ड पार्षद गायत्री देवी की सदस्यता भी रद्द कर दी गई थी। मार्च के महीने में चुनाव आयोग ने यह ऐक्शन लिया था। उस वक्त कुछ मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी सामने आई थी कि वार्ड संख्या 2 की पार्षद गायत्री देवी के खिलाफ अदलचक के रहने वाले महेश कुमार ने निर्वाचन आयोग के सामने यह मामला उठाया था। आयोग से शिकायत की गई थी कि वार्ड पार्षद गायत्री देवी ने अपने हलफनामे में 5 बच्चों के बारे में तो बताया था लेकिन उनके जन्म के साल में गलत जानकारी दी थी। जांच के बाद वार्ड पार्षद पर ऐक्शन लिया गया था।


