बिहार में अब मतगणना की बारी, 46 केंद्रों पर तीन लेयर में सुरक्षा इंतजाम
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में मतदान के दौरान कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें पांच शिकायतें पहले चरण में प्राप्त हुई थी, जबकि 30 शिकायतें दूसरे चरण में प्राप्त हुईं। इन सभी का तत्काल निपटारा किया गया।
बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के मतदान के बाद पटना समेत राज्य के 46 मतगणना केंद्रों पर 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। सभी मतगणना केंद्रों के समीप स्थित स्ट्रॉन्ग रूम (वज्रगृह) में तीन चक्रों में सख्त सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। मंगलवार को बिहार के सीईओ विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि सभी संबंधित जिलों में मतगणना केंद्रों एवं स्ट्रॉन्ग रूम पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
इन स्थलों पर उम्मीदवारों और उनके मतगणना अभिकर्ताओं को भी निगरानी में मौजूद रहने के इंतजाम किए गए हैं। मतगणना केंद्रों पर तय समय में सभी ईवीएम लाई जाएंगी और वहां वोटों की गिनती की जाएगी। इसके लिए सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दो दिन पूर्व सभी स्ट्रॉन्ग रूम की मुख्यालय से अधिकारियों की टीम भेजकर जांच कराई गई है। जांच के दौरान पाया गया कि डिस्प्ले का तार हिलने से मेन कंट्रोल रूम में निगरानी में बाधा हुई थी, जिसे ठीक कर लिया गया है। साथ ही, सभी सीसीटीवी फुटेज संबंधित उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को दिखा भी दिया गया है। वहीं, सभी केंद्रों पर एक ग्रिड के अतिरिक्त एक बैकअप ग्रिड बनाया गया है, ताकि निगरानी में सख्ती बरती जा सके।
दोनों चरणों में 35 शिकायतें मिली
चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में मतदान के दौरान कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें पांच शिकायतें पहले चरण में प्राप्त हुई थी, जबकि 30 शिकायतें दूसरे चरण में प्राप्त हुईं। इन सभी का तत्काल निपटारा किया गया। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निपटारे के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम के अतिरिक्त जिला नियंत्रण कक्ष एवं निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाए गए थे। जिनसे तत्काल समस्याओं का समाधान किया गया।
मतगणना कर्मियों का प्रशिक्षण कल
डीएम ने बताया कि मतगणना कार्य पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवधानरहित हो, इसके लिए 1050 कर्मियों और पदाधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दो चरणों में दिया जा रहा है। दूसरे चरण का प्रशिक्षण कार्य 13 नवंबर को होगा। इससे पहले 10 नवंबर को इन कर्मियों-पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। एसईओ अनिल कुमार पटेल की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम में पहले से प्रशिक्षित छह मास्टर ट्रेनर की टीम ने मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया।





