
बिहार में SIR पर कांग्रेस की 89 लाख शिकायतों के दावे पर चुनाव आयोग का फैक्ट चेक; जानें क्या बताया
बिहार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस की 89 लाख शिकायतों को दावे को निराधार बताते हुए चुनाव आयोग ने जवाब में कहा कि 1 अगस्त 2025 को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी भी नाम पर निर्धारित प्रारूप में कोई दावा (फॉर्म 6) या आपत्ति (फॉर्म 7) पार्टी ने प्रस्तुत नहीं किया है।
बिहार में एसआईआर के बीच जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 65 लाख लोगों के नाम काटे जाने को लेकर कांग्रेस की तरफ से ये दावा किया गया कि उनकी पार्टी ने 89 लाख शिकायतें अलग-अलग कैटेगरी में दर्ज कराई गई हैं। जिसकी रसीद भी पार्टी के पास है। ये दावा रविवार को प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय सदाकत आश्रम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया गया। जिसका अब फैक्ट चेक चुनाव आयोग ने किया है। कांग्रेस की 89 लाख शिकायतों के दावे पर भारत निर्वाचन आयोग ने जवाब दिया है।

आयोग की तरफ से कहा गया कि आज तक, बिहार में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किसी भी जिला अध्यक्ष द्वारा अधिकृत किसी भी बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी भी नाम पर निर्धारित प्रारूप में कोई दावा (फॉर्म 6) या आपत्ति (फॉर्म 7) प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फिर आखिर कांग्रेस की 89 लाख शिकायतों के दावे का सच क्या है।
दरअसल आज कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एसआईआर के दौरान 20 हजार ऐसे बूथ हैं, जहां 100 से ज्यादा लोगों के नाम कटे हैं। वहीं 200 से ज्यादा नामों के काटे वाले बूथों की संख्या 2 हजार से ज्यादा है। 7 हजार 613 ऐसे बूथ हैं, जहां 70 फीसदी से ज्यादा महिलाओं के नाम कटे हैं। बड़े पैमाने पर एक पैटर्न के तहत नाम काटे गए हैं। जिसकी शिकायतें जिला कांग्रेस की ओर से की गई हैं। जबकि चुनाव आयोग कह रहा है कि राजनीति दलों की ओर से अभी तक एक भी दावा और आपत्ति का आवेदन नहीं मिला है।
इन सबके बीच कांग्रेस की तरफ से ट्वीट किया गया है। जिसमें लिखा है कि चुनाव आयोग अपने 'सोर्स' के माध्यम से खबरें प्लांट करवाता रहता है, कि किसी राजनीतिक पार्टी से कोई शिकायत नहीं आ रही है। जबकि सच्चाई ये है कि कांग्रेस पार्टी ने 89 लाख शिकायतें चुनाव आयोग को दी हैं। जब हमारे BLAs शिकायत लेकर जाते हैं, तो उनसे शिकायतें नहीं ली जाती। उनसे कहा जाता है कि हम लोगों से शिकायतें लेंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों और BLAs का रोल क्या है?
कल 1 सितंबर है, चुनाव आयोग में SIR के तहत शिकायतें दर्ज करवाने की आखिरी तारीख है। ऐसे में हमारे BLOs ने बिहार के नागरिकों के आवेदन दर्ज करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। BLOs ने सभी के आवेदन इकट्ठा कर, जिला अध्यक्षों के माध्यम से DEO को जमा करवाए हैं।





