
बिहार के भभुआ जिले में जेट्रोफा का फल खाकर 8 बच्चे बीमार, अस्पताल के इमरजेंसी में इलाज जारी
सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन नारायण ने बताया कि जेट्रोफा के बीज में टॉक्सएल्ब्यूमिन और फॉर्बोल एस्टर जैसे विषाक्त पदार्थ होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण को रोकते हैं और बड़ी मात्रा में सेवन करने पर गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बिहार के भभुआ जिले में जेट्रोफा के पौधे का बीज खाने से बुधवार को चैनपुर थाना क्षेत्र के मदुरना गांव के आठ बच्चों की तबीयत खराब हो गई। पीड़ित सभी बच्चों की उम्र 5-12 वर्ष है। बच्चों की तबीयत बिगड़ती देख उनके परिजन चैनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले गए। यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद सभी बच्चों को सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कर बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
बीमार बच्चों में मदुरना गांव निवासी पिंटू राम की 5 वर्षीया पुत्री लाडो कुमारी एवं 8 वर्षीया पुत्री ट्विंकल कुमारी, सोमारु राम का 7 वर्षीय पुत्र आशीर्वाद कुमार, 8 वर्षीय पुत्र कृष कुमार, दुलारचन राम का 5 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार, 9 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार, लोटन राम की 12 वर्षीया पुत्री खुशी कुमारी, प्रवीण कुमार राम का 8 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार शामिल हैं। बच्चों के बीमार होने के बाद उनके परिजन चिंतित हैं।
परिवार के महिला-पुरुष सदस्य अस्पताल में बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। घटना की सूचना पर रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए हैँ। इस बाबत सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ.त्रिभुवन नारायण ने कहा कि सभी बीमार बच्चों को चैनपुर सीएचसी से रेफर करने पर सदर अस्पताल लाया गया है। यहां के इमरजेंसी में भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।
बीज ज्यादा खा लेने पर हो सकती है मौत
सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. त्रिभुवन नारायण ने बताया कि जेट्रोफा के बीज में टॉक्सएल्ब्यूमिन और फॉर्बोल एस्टर जैसे विषाक्त पदार्थ होते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण को रोकते हैं और बड़ी मात्रा में सेवन करने पर गुर्दे को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके बीज खाने से गंभीर फूड पॉइजनिंग के लक्षण होते हैं। इससे चक्कर, उल्टी, दस्त, पेट में तेज दर्द, जलन जैसी समस्या होती है। ज्यादा खाने से मौत हो सकती है।





