BPSC TRE-4: खत्म होगा अभ्यर्थियों का इंतजार, बिहार में शिक्षकों की भर्ती पर सरकार का बड़ा ऐलान
BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग चौथे चरण (टीआरई-4) की शिक्षक नियुक्ति के लिए अधियाचना इस माह के अंत तक बिहार लोक सेवा आयोग को भेज देगा। शिक्षा मंत्री ने इसका ऐलान किया है।
BPSC TRE-4: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही इन अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द ही दूर होगी। शिक्षा विभाग चौथे चरण (टीआरई-4) की शिक्षक नियुक्ति के लिए अधियाचना इस माह के अंत तक बिहार लोक सेवा आयोग को भेज देगा। विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नोत्तरकाल के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह घोषणा की।
शिक्षा मंत्री ने गौतम कृष्ण के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में कहा कि टीआरई-4 के तहत प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। शिक्षकों की कमी का आकलन हो चुका है। जिलावार व विषयवार शिक्षकों की सूची विभाग को मिल चुकी है। रूहेल रंजन के ध्यानाकर्षण के जवाब में शिक्षा मंत्री ने माना कि शिक्षकों के पदस्थापन में विसंगतियां हैं। किसी स्कूल में अधिक तो कुछ में विषयवार शिक्षकों की संख्या कम है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक में छात्र-शिक्षक अनुपात के मुकाबले 62 हजार अधिक शिक्षक हैं। जिलों से विषयवार व स्कूलवार शिक्षकों की स्थिति एक सप्ताह में मिल जाने के बाद छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग की जाएगी। समानुपातिक पदस्थापन के बाद ऐसी समस्या दूर हो जाएगी। देखें P 02
भूमिहीन स्कूलों को छह माह में जमीन
पटना। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा है कि 600-700 हाईस्कूलों के पास भूमि नहीं है। ऐसे स्कूलों को छह माह के भीतर भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी। अभिषेक रंजन के सवाल पर शिक्षा मंत्री के जवाब के बीच हस्तक्षेप करते हुए सीएम ने कहा कि जमीन मिलने पर स्कूलों को भवन बनाने में सुविधा होगी। मंजीत कुमार सिंह के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2276 प्राथमिक व माध्यमिक और 721 उच्च माध्यमिक स्कूलों का अपना भवन नहीं है।
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए लिया गया निर्णय
बिहार पुलिस रेडियो एएसआई भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेल ने 22 जुलाई को चार परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य विभिन्न जिलों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को सुगम और अतिरिक्त रेल सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें यात्रा के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने बताया कि परीक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है।


