
पूर्व डीआईजी शिवेंद्र प्रियदर्शी पर शिकंजा, दो फ्लैट समेत 1.52 करोड़ की संपत्ति जब्त
तत्कालीन जेल डीआईजी के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मई 2017 में एफआईआर दर्ज की थी। आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इस एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने अपनी जांच शुरू की।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व जेल डीआईजी शिवेंद्र प्रियदर्शी के पटना में स्थित दो फ्लैट सहित 1.52 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है। इनमें उनके बैंक खाता में जमा राशि, सोने चांदी के आभूषण, एफडी और कई निवेश पत्र शामिल हैं। संपत्ति जब्ती की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत हुई है। तत्कालीन जेल डीआईजी शिवेंद्र ने यह संपत्ति अपने और अपनी पत्नी के नाम पर भ्रष्टाचार से अर्जित की थी।

तत्कालीन जेल डीआईजी के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने मई 2017 में एफआईआर दर्ज की थी। आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज इस एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने अपनी जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि तत्कालीन जेल डीआईजी ने 1993 से 2017 के बीच सासाराम, बेनीपुर, गोपालगंज, सीवान और पटना में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार में लिप्त रहे।
उन्होंने अपराध से अर्जित भारी मात्रा में धन जमा किया था, जिसका कुछ हिस्सा सीधे उसके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में जमा किया गया था। कुछ हिस्सा रिश्तेदारों की मदद से छिपाया गया था और उपहार के रूप में प्राप्त किया गया था। अवैध कमाई का उपयोग फ्लैटों, बैंकों, एफडी, केवीपी, एनएससी, म्यूचुअल फंड आदि में निवेश के रूप में किया गया था। इन संपत्तियों की कुल कीमत 1,52,47,491 रुपये से अधिक आंकी गई है। मामले में जांच चल रही है।



