भरत तिवारी नगर बसे, परिजनों पर दर्ज केस वापस हो; महापंचायत में क्या-क्या मांगे उठीं
भरत तिवारी एनकाउंटर के खिलाफ भोजपुर जिले में आयोजित महापंचायत में यह मांग रखी गई कि भरत तिवारी नगर बसाई जाए। इस महापंचायत में आए लोगों ने पुलिस कर्मियों पर ऐक्शन और भरत के परिजनों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग भी उठाई है।
चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस के खिलाफ बुधवार को आयोजित महापंचायत में सैकड़ों लोग पहुंचे। इस महापंचायत में जहां एक तरफ भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजली दी गई तो वहीं महापंचायत में कई मांगें भी उठाई गईं। भोजपुर जिले के शाहपुर के बिलौटी गांव में मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों को इंसाफ दिलाने के लिए बिलौटी गांव में आयोजित महापंचायत में उनके कार्यों को भी याद किया गया। भरत भूषण तिवारी के संघर्ष और समाज खासकर कटाव पीड़ितों के प्रति उनके समर्पण की खूब चर्चा की गई। इसके लिए उनके नाम भरत तिवारी नगर बसाने की मांग की गई। कहा गया है कि यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
महापंचायत में उपस्थित लोगों ने कहा कि जिस जगह पर जवइनिया कटाव पीड़ितों को बसाया जा रहा है, उस मोहल्ले का नाम भरत तिवारी नगर रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके समाज के प्रति समर्पण और संघर्ष को याद रखे। लोगों ने कहा कि भरत भूषण तिवारी जवइनिया के कटाव पीड़ितों के हक की आवाज उठा रहे थे। पीड़ितों की पानी और बिजली सहित अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे। उसी संघर्ष में भरत भूषण तिवारी को अपनी जान गंवानी पड़ी। ऐसे में भरत तिवारी नगर बसा कर उनके संघर्ष और सपनों को याद किया जा सकता है। महापंचायत की ओर से सरकार और प्रशासन से इस मामले में पहल करने की अपील की गई है।
बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी कटाव पीड़ितों के हक खास कर बसाव के लिए गड्ढे वाली जगह पर मिट्टी भरवाने को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई पहल की जा रही थी। आरोप है कि अधिकारियों की ओर से कार्रवाई के बदले भरत भूषण तिवारी को अपमानित किया जा रहा था।
बता दें कि बिलौटी के कुड़वा शिव मंदिर स्थित मैदान में आयोजित इस महापंचयात में लोगों की भीड़ जुटी थी। किसी के हाथ में तिरंगा था, तो किसी ने भरत भूषण तिवारी का फोटो लगा बैनर और पोस्टर ले रखा था। मुख्यमंत्री और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही थी। लोग शहीद भरत भूषण तिवारी अमर रहें के नारे लगा रहे थे।
श्रद्धांजलि सभा पहुंचने के दौरान भरत भूषण तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी भावुक हो गए। बार-बार बैनर पोस्टल की ओर देख उनकी आंखों से आंसू छलक रहे थे। साथ ले जा रहे लोगों ने पानी पिलाया और अराम करने के लिए बोले।
उठीं प्रमुख मांगें
● दोषी और अभियुक्त पुलिस अधिकारियों की अविलंब गिरफ्तारी की जाये
● गोली चलाने का आदेश देने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो
● मुठभेड़ के दौरान भरत भूषण तिवारी का जब्त मोबाइल वापस किया जाये
● भरत तिवारी के परिजनों पर और जाम के दौरान दर्ज हुए केस को वापस लिया जाये
● पीड़ित परिवार को समुचित मुआवजा राशि और सदस्य को नौकरी दी जाए


