बिहार में सीओ के हड़ताल से जमीन का म्यूटेशन, मापी सब बंद, 22 जिलों में सबसे ज्यादा असर

Mar 11, 2026 09:10 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्तान, पटना
share

मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर में सभी अंचल कार्यालयों में सीओ काम कर रहे हैं। हालांकि राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण परिमार्जन और दाखिल-खारिज जैसे जमीन से जुड़े काम प्रभावित हैं। मधुबनी जिले में पांच अंचलों को छोड़कर बाकी सभी अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं।

बिहार में सीओ के हड़ताल से जमीन का म्यूटेशन, मापी सब बंद, 22 जिलों में सबसे ज्यादा असर

बिहार राजस्व सेवा महासंघ के आह्वान पर अंचलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल का राज्य के 22 जिलों में व्यापक असर है। हालांकि करीब 30 फीसदी अंचलाधिकारी हड़ताल पर नहीं हैं। ये नए अंचलाधिकारी हैं और दफ्तर में नियमित रूप से बैठकर कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। सात जिलों के सभी अंचलाधिकारी ड्यूटी पर हैं, जबकि नौ जिलों में हड़ताल का आंशिक असर है। जिन अंचलों में अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं वहां जमीन के म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी, एलपीसी, अभियान बसेरा आदि का काम ठप है।

मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर में सभी अंचल कार्यालयों में सीओ काम कर रहे हैं। हालांकि राजस्व कर्मियों की हड़ताल के कारण परिमार्जन और दाखिल-खारिज जैसे जमीन से जुड़े काम प्रभावित हैं। मधुबनी जिले में पांच अंचलों को छोड़कर बाकी सभी अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल पर नहीं जाने वाले सीओ में पंडौल, खजौली, राजनगर, रहिका और बेनीपट्टी शामिल हैं। इनमें से चार अंचलों में पुराने सीओ हैं, जबकि पंडौल अंचल में पदस्थापित नए सीओ हड़ताल पर नहीं हैं।

यहाँ राजस्व कर्मी पहले से ही हड़ताल पर हैं। नालंदा जिले के 20 अंचलों में से दस में कामकाज सुचारु रूप से जारी है। पटना जिले में बिहटा और मोकामा प्रखंड के सीओ भी हड़ताल पर नहीं हैं। नालंदा जिले में 20 अंचल हैं, जिनमें से दस सीओ हड़ताल पर नहीं हैं। पुराने दस सीओ हड़ताल पर हैं। अररिया जिले में नरपतगंज और किशनगंज में ठाकुरगंज और दिघलबैंक को छोड़कर जिले के अन्य अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं। मुंगेर जिले में केवल संग्रामपुर के अंचलाधिकारी हड़ताल पर हैं। वहीं भोजपुर जिले में बड़हरा के सीओ हड़ताल पर नहीं हैं।

इन जिलों में सीओ काम कर रहे

मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, कटिहार, जमुई, मुंगेर

ये हड़ताल पर नहीं

नालंदा जिले में दस अंचलाधिकारी, मधुबनी के पांच, पटना में दो, सीतामढ़ी में दो, किशनगंज में दो, भोजपुर, अररिया व कैमूर में एक-एक, रोहतास में दो।

इन जिलों में हड़ताल का ज्यादा असर

बक्सर, जहानाबाद, बेगूसराय, वैशाली, मधेपुरा, खगड़िया, पूर्णिया, लखीसराय, बांका, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, शिवहर, औरंगाबाद, गोपालगंज, नवादा, शेखपुरा, सारण, भोजपुर, गया, अरवल

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।