
बिहार में हथिया की आंधी-बारिश से आलू, सब्जी और धान को नुकसान, कोसी और बागमती में उफान
बिहार के उत्तर पश्चिम एवं उत्तर पूर्वी भाग में सामान्य से अधिक बारिश के चलते कोसी, बागमती, महानंदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इससे सुपौल, सीतामढ़ी, किशनगंज, मधेपुरा आदि जिलों के खेतों में पानी भर गया है।
हथिया की आंधी-बारिश ने बिहार के कई इलाकों में खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचाया है। सबसे ज्यादा नुकसान आलू, सब्जी, धान की अगात फसल और मोटे अनाज को हुआ है। खेतों में पानी जमा होने से सब्जी और मोटे अनाज के पौधे डूब गए हैं। वहीं, तेज हवा चलने से धान के पौधे खेतों में झुक गए हैं। कृषि विभाग शनिवार को आई तेज आंधी-बारिश से फसल नुकसान आकलन में जुट गया है। खासकर उत्तर बिहार, सारण और कोसी के जिलों से नुकसान की ज्यादा शिकायत आई है।

उत्तर बिहार में धान की अगात फसल लगाई जाती है। ऐसे में वहां कई जिलों में धान में बालियां आ गई हैं। दक्षिण बिहार में शाहाबाद के इलाके पर भी आंधी-बारिश का असर हुआ है। वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीके द्विवेदी कहते हैं कि खेतों में खड़ी सभी फसलों को नुकसान हुआ है। खरीफ की बर्बादी के साथ ही रबी फसलों के लगाने में देरी होगी। आलू लगाने के लिए तैयार किए गए खेतों में क्यारियां ढह गई हैं। खेतों में पानी भरने से अगेती गोभी के पत्ते पीले पड़ने लगे हैं। छीमी (मटर) को नुकसान हुआ है। देर से बारिश होने पर स्थानीय मटर देर से बाजार में आएगा। वहीं, गेहूं-मक्के की बुआई में देरी होना तय है।
राज्य के सभी इलाकों में बारिश हुई है। उत्तर बिहार की कई नदियां उफान पर आ गई हैं।इसलिए नुकसान भी सभी जगह हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि चार-पांच दिन बाद मौसम साफ हो जाए तो नुकसान कम किया जा सकता है। इस बार कई वर्षों बाद हथिया में तेज और लगातार बारिश हो रही है। हथिया नक्षत्र बारह अक्तूबर तक है। वरीय वैज्ञानिक पीके द्विवेदी ने सलाह दी कि किसान आगे मौसम के हिसाब से निर्णय लें। सब्जी की फसल जल्दी बर्बाद हो जाती है। इसलिए सब्जी के खेतों से जल्द पानी निकालने का इंतजाम कर लें।
दो दिन में सामान्य से 929 फीसदी अधिक बारिश
बिहार मौसम सेवा केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दिनों में सामान्य से 929 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। पिछले दो दिनों में राज्य में 92.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 10 मिमी है। मौसम सेवा केंद्र ने अगले 48 घंटे के दौरान राज्य के ज्यादातर भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा गति से आंधी चलने की आशंका है।
नदियों में उफान से खेतों में भरा पानी
बिहार के उत्तर पश्चिम एवं उत्तर पूर्वी भाग में सामान्य से अधिक बारिश के चलते कोसी, बागमती, महानंदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है। इससे सुपौल, सीतामढ़ी, किशनगंज, मधेपुरा आदि जिलों के खेतों में पानी भर गया है।



